ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में एक इंच जमीन के लिए हैवान बना भाई: कमरे में सो रहे पति-पत्नी पर पेट्रोल फेंककर लगाई आग, तीन लोग झुलसे बिहार में एक इंच जमीन के लिए हैवान बना भाई: कमरे में सो रहे पति-पत्नी पर पेट्रोल फेंककर लगाई आग, तीन लोग झुलसे नीतीश सरकार का होली गिफ्ट: प्रवासी बिहारियों के लिए 200 फेस्टिवल बसों को चलाने की तैयारी; इस दिन से शुरू होगी बुकिंग नीतीश सरकार का होली गिफ्ट: प्रवासी बिहारियों के लिए 200 फेस्टिवल बसों को चलाने की तैयारी; इस दिन से शुरू होगी बुकिंग CTET Admit Card 2026 : शिक्षक बनने का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर, जानें एग्जाम डेट, एडमिट कार्ड और पूरा एग्जाम पैटर्न बिहार में एक और छात्रा से रेप, ट्यूशन से घर लौट रही लड़की को बीच सड़क से उठा ले गए 4 हैवान NEET छात्रा की संदिग्ध मौत मामला: ‘नेता प्रतिपक्ष को तो छोड़ ही दीजिए, सरकार भी संवेदनशील नहीं’, पप्पू यादव ने बताया वारदात के पीछे किन लोगों का है हाथ NEET छात्रा की संदिग्ध मौत मामला: ‘नेता प्रतिपक्ष को तो छोड़ ही दीजिए, सरकार भी संवेदनशील नहीं’, पप्पू यादव ने बताया वारदात के पीछे किन लोगों का है हाथ Manoj Tiwari : मनोज तिवारी के फ्लैट में चोरी, पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार; CCTV फुटेज से हुआ खुलासा Bihar Crime News: LIC एजेंट पर करोड़ों की ठगी का आरोप, थाने पहुंचा फर्जीवाड़े का मामला

RJD ने रेलवे के निजीकरण का किया विरोध, संसद में मनोज झा बोले.. हकीकत देखनी है तो भेष बदलकर निकलें

RJD ने रेलवे के निजीकरण का किया विरोध, संसद में मनोज झा बोले.. हकीकत देखनी है तो भेष बदलकर निकलें

17-Mar-2020 02:02 PM

DELHI : राष्ट्रीय जनता दल ने रेलवे के निजीकरण का एक बार फिर से विरोध किया है. राज्यसभा में रेलवे के बजट पर चर्चा के दौरान बोलते हुए आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा है कि केंद्र सरकार की तरफ से रेलवे को धीरे-धीरे पीपीपी मोड में ले जाना दुखद है.

मनोज झा ने रेलवे की खस्ताहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि कभी भारतीय रेलवे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक हुआ करती थी लेकिन आज सरकार की गलत नीतियों के कारण यह बदहाली का शिकार हो रही है. अगर रेलवे की मौजूदा हकीकत रेल मंत्री देखना चाहते हैं तो उन्हें भेष बदलकर लंबी रेल यात्रा पर निकलना चाहिए.

आरजेडी सांसद ने कहा कि रेलवे को उसके पुराने स्वरूप में ही बनाए रखना आम आदमी के हित में होगा मनोज झा ने कहा कि आज रेलवे की जो स्थिति है उसे देखकर ऐसा लगता है कि हम संसद में रेलवे को फेयरवेल देने के लिए खड़े होकर चर्चा कर रहे हैं.