Patna High Court : शराबबंदी कानून के तहत दो साल बाद मकान सील करना गैरकानूनी, सरकार पर लगा ₹50,000 का जुर्माना Nitish Kumar : बेतिया से शुरू होगी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’, विकास कार्यों की जमीनी हकीकत पर रहेगा फोकस Bihar crime news : पटना के मनेर में देर रात पुलिस एनकाउंटर , लूटकांड का आरोपी घायल; पुलिस ने किया अरेस्ट Bihar weather : बिहार में कड़ाके की ठंड के बाद धूप से राहत, तराई में 19 जनवरी तक कोहरे का अलर्ट कमिश्नर के औचक निरीक्षण से SKMCH में मचा हड़कंप: बदहाली देख भड़के गिरिवर दयाल सिंह, अधीक्षक की गैरमौजूदगी पर उठाए सवाल होली पर बिहार के लिए दिल्ली समेत कई राज्यों से चलेगी 200 स्पेशल बसें, 1 फरवरी से बुकिंग शुरू मधेपुरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कुख्यात भू-माफिया अविनाश आनंद पटना से गिरफ्तार बिहार की टिकरी मिठाई के विदेश तक दीवाने, नेपाल-भूटान में भी सिहौल का स्वाद सुपौल में शराब छापेमारी के दौरान उत्पाद विभाग की टीम पर हमला, महिला ASI घायल; 7 गिरफ्तार RBI recruitment: 10वीं पास के लिए RBI में निकली बहाली, 572 पदों के लिए आवेदन शुरू; यहां जानें पूरी प्रक्रिया
26-Nov-2023 06:49 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाया है कि जदयू के भीम संसद में सरकारी मशीनरी का भारी दुरुपयोग कर भीड़ जुटाने की कोशिश की गई है। दलित बस्तियों में काम करने वाले ‘विकास मित्र’, ‘टोला सेवक’, ‘तालिमी मरकज’ के हजारों कर्मियों को प्रलोभन देकर भीड़ जुटाई गई कि उन्हें राज्य कर्मी का दर्जा और वेतन वृद्धि दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि देश के सबसे बड़े दलित नेता रामविलास पासवान को राज्यसभा में जाने का विरोध करने और उनकी जाति पासवान को महादलित से अलग करने, मुसहर के नेता जीतन राम मांझी को अपमानित कर मुख्यमंत्री से हटाने और फिर विधानसभा में तुम-ताम और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने वाले नीतीश कुमार को बिहार का दलित कभी माफ नहीं करेगा।
सुशील मोदी ने कहा है कि शराबबंदी के कारण बिहार का पासी समाज भुखमरी की स्थिति में है। मुसहर समाज के सबसे ज्यादा लोग जेलों में बंद हैं। 75 साल तक कांग्रेस, राजद, जदयू की सरकार के बावजूद यदि 43% दलित परिवार की आमदनी 6000 से कम है, 90% लोग 10वीं से कम शिक्षित हैं, 75% परिवारों को पक्का मकान नहीं है तो इसके लिए नीतीश, लालू, सोनिया जिम्मेवार है। सरकारी तंत्र के भरोसे भीड़ जुट सकती है परंतु वोट नहीं मिल सकता।