इन दो शहरों के बीच नया एक्सप्रेसवे, सिर्फ दो घंटे में 350 किलोमीटर का सफर; गडकरी का दावा इन दो शहरों के बीच नया एक्सप्रेसवे, सिर्फ दो घंटे में 350 किलोमीटर का सफर; गडकरी का दावा बिहार में मेगा ब्रिज प्लान: गंगा, सोन, कोसी और गंडक नदी पर बनेंगे 51 बड़े पुल, आवागमन होगा और आसान; विकास को मिलेगी नई रफ्तार बिहार में मेगा ब्रिज प्लान: गंगा, सोन, कोसी और गंडक नदी पर बनेंगे 51 बड़े पुल, आवागमन होगा और आसान; विकास को मिलेगी नई रफ्तार Nepal Election: नेपाल चुनाव को लेकर भारतीय सीमा 72 घंटों के लिए सील, 5 मार्च को वोटिंग; एक हजार से अधिक अस्थायी वोटर्स के लिए विशेष तैयारी Nepal Election: नेपाल चुनाव को लेकर भारतीय सीमा 72 घंटों के लिए सील, 5 मार्च को वोटिंग; एक हजार से अधिक अस्थायी वोटर्स के लिए विशेष तैयारी Bihar Weather Today: बिहार में मार्च में ही चढ़ा पारा, होली के दिन कैसा रहेगा मौसम? जानिए.. Bihar Weather Today: बिहार में मार्च में ही चढ़ा पारा, होली के दिन कैसा रहेगा मौसम? जानिए.. Holi 2026: दूर रहकर भी मनाएं रंगों का त्योहार, WhatsApp के इन फीचर्स से जुड़ें अपनों के साथ Holi 2026: दूर रहकर भी मनाएं रंगों का त्योहार, WhatsApp के इन फीचर्स से जुड़ें अपनों के साथ
21-May-2020 11:26 AM
DESK : अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर लम्बी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद अब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से निर्माण कार्य को धीरे-धीरे शुरू करवाया जा रहा है. जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर निर्माण के लिए तैयारियां व ट्रेंचों को भरने, समतलीकरण और लोहे की जालियों को हटाने का कार्य जोरों पर है. इसी दौरान समतलीकरण के कार्य में लगे लोगों को कुछ ऐतिहासिक अवशेष मिले हैं. इन अवशेषों में कई पुरातात्विक मूर्तियां खंभे, शिवलिंग, आमलक, कलश और चौखट शामिल हैं.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि अब तक जहां-जहां खुदाई हुई है, वहां से और आसपास की जगहों से देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां, पुष्प कलश, कलाकृतियां आदि चीजें निकली हैं. इन अवशेषों में अन्य कलाकृतियां के पत्थर, 7 ब्लैक टच स्टोन के स्तंभ व 6 रेड सैंड स्टोन के स्तंभ के साथ 5 फुट के आकार का नक्काशीयुक्त शिवलिंग की आकृति भी प्राप्त हुई है. इन अवशेषों के बारे में बहुत विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है. बताया जा रहा है कि विशेषज्ञों के निरीक्षण के बाद ही इस पर विस्तृत रूप से कुछ बताया जा सकता है.
महासचिव ने बताया कि इस कार्य को चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है. इन पुरातात्विक वस्तुओं को ट्रस्ट द्वारा संरक्षित किए जाने की भी योजना बन रही है. हालांकि अभी भी वहां खुदाई जारी है. मन्दिर निर्माण न्यास कार्यशाला में जिन मजदूरों द्वारा पत्थरों की सफाई का काम किया जा रहा था उन मजदूरों को भी श्रीरामजन्मभूमि परिसर में कार्य हेतु लगा लिया गया है.
दरअसल, कोरोना संकट को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मंदिर निर्माण का कम शुरू कर दिया गया है. इस काम में तीन जेसीबी मशीन एक क्रेन दो ट्रैक्टर व 10 मजदूर लगाए गए हैं. इन मजदूरों के अलावा कुछ पुलिस कर्मी भी वहां मौजूद रहते है. 10 दिनों पहले ही यहां काम शुरू किया गया है. निर्माण कार्य श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी चम्पत राय, विमलेंद्र मौहन प्रताप मिश्र, डॉ अनिल मिश्र की मौजूदगी में किया जा रहा है. हालांकि ट्रस्ट कि ओर कहा गया है कि लॉकडाउन हटते ही राजस्थान, गुजरात और मिर्जापुर से मजदूरों को बुलाया जाएगा.