चिराग पासवान ने किया बड़ा खुलासा, मुख्यमंत्री की दौड़ से खुद को बताया बाहर, जानिए… नए सीएम पर क्या बोले? Bihar Transport News: परिवहन विभाग के MVI की गाड़ी और 'भतीजा' के अवैध वसूली का खेल, शिकायत पर गाड़ी जब्त...दो हिरासत में पटना जंक्शन पर रेल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 लाख के गहनों के साथ तीन शातिर गिरफ्तार पटना जंक्शन पर रेल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 लाख के गहनों के साथ तीन शातिर गिरफ्तार बिहार में पैक्स चुनाव में बड़ा बदलाव: अब आम लोग भी बन सकेंगे सदस्य… जानिए कैसे बदल गई पूरी प्रक्रिया Bihar Bhumi: बिहार में जमीन सर्वे और भूमि रिकॉर्ड डिजिटलाइजेशन की रफ्तार हुई धीमी, 4.6 करोड़ आवेदन लंबित; फेल होगी डेडलाइन? Bihar Bhumi: बिहार में जमीन सर्वे और भूमि रिकॉर्ड डिजिटलाइजेशन की रफ्तार हुई धीमी, 4.6 करोड़ आवेदन लंबित; फेल होगी डेडलाइन? रामनवमी से पहले घर में लाएं ये 5 शुभ चीजें, दूर होंगे वास्तु दोष; आएगी सुख-समृद्धि रामनवमी से पहले घर में लाएं ये 5 शुभ चीजें, दूर होंगे वास्तु दोष; आएगी सुख-समृद्धि ‘पटना के गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों को देंगे मुफ्त LPG सिलेंडर’, पप्पू यादव का बड़ा एलान
14-Feb-2020 01:07 PM
BHAGALPUR : पुलवामा अटैक की पहली बरसी पर सारा देश उन चालीस शहीदों को पूरे शिद्दत के साथ याद कर रहा है। जिन्होनें आतंकियों की कायराना हरकत में देश के लिए अपना प्राण न्य़ोछावर कर दिया था। उस हमले में बिहार के दो लाल भी भारत माता की बलि वेदी शहीद हो गये थे। मसौढ़ी के संजय सिन्हा और भागलपुर के रतन कुमार ठाकुर इस हमले में शहीद हो गए थे।भागलपुर के लाल को पूरा शहर याद कर रहा है। इस बीच मासूम बेटे ने पापा को सच्ची श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वो बड़ा होकर पापा की तरह ही फौजी बनेगा और देश की सेवा करेगा।
शहीद रतन कुमार ठाकुर का परिवार को जहां देश के लिए अपने बेटे की शहादत पर गर्व है तो शहीद का पांच साल का मासूम बेटा भी पापा की तरह ही बनना चाहता है। पांच साल के मासूम कृष्णा ने कहा कि वह भी बड़ा होकर पापा की तरह फौजी बनना चाहता है। पहली बरसी के मौके पर याद करते हुए शहीद के भाई मिलन कुमार ठाकुर ने कहा कि गांव के चौक पर स्मारक लगना चाहिए और साथ ही स्कूल का नामकरण शहीद भाई के नाम पर किया जाना चाहिए। सन्हौला प्रखंड के मदारगंज रतनपुर चौक के बगल में शहीद रतन ठाकुर की प्रतिमा लगाने की घोषणा हुई थी लेकिन आज तक वो पूरी नहीं हुई है। हालांकि चौक पर लगी उनकी तस्वीर शहादत और बलिदान की कथा को बयां करती है।शहीद की पत्नी राजनंदिनी को सरकार से मिली मदद से कोई शिकायत नहीं है।
शहीद रतन ठाकुर के शहादत के बाद गांव में सीएम से लेकर मंत्री और अधिकारी तक पहुंचे थे और शहादत को श्रद्धांजलि दी गई थी। इस दौरान गांव और परिवार को लेकर सरकार की तरफ से कई वादे और आश्वासन भी दिये गये। इनमें से कुछ पूरे हुए और कुछ आज भी अधूरे हैं, इसका परिवार सहित स्थानीय लोगों को मलाल है। बिहार सरकार ने गांव का नाम, स्कूल का नाम, पंचायत का नाम शहीद के नाम पर रखने की बात कही थी, वह भी पूरा नहीं हुआ। अंबानी फाउंडेशन से भी भरोसा मिला था, कुछ नहीं हुआ। पीएम की तरफ से 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद परिजनों से मिलने की बात हुई थी, वह भी अभी नहीं हुआ। वैसे, शहीद रतन के परिवार को अभी तक कुल 36 लाख रुपए मिले हैं, जिसमें सीआरपीएफ और बिहार सरकार के अलावा समाज के लोगों ने दिया है।