मुजफ्फरपुर में हजरत दाता कंबल शाह का 144वां उर्स: पुलिस की चादर जुलूस, अमन-चैन की मांगी दुआ आरा में बाइक मैकेनिक की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी जन सुराज को फिर से खड़ा करने में जुटे प्रशांत किशोर, 15 नए प्रदेश महासचिव की लिस्ट जारी छपरा पहुंचे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, बोले..जन समस्याओं का होगा त्वरित समाधान बिहार में 6 अप्रैल से स्कूल का नया टाइमटेबल: 7 बजे से पहले बजेगी घंटी चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर ब्लास्ट से हड़कंप, जांच में जुटीं पुलिस करप्शन किंग SDPO को हटाया गया: PHQ ने वापस बुलाया, EOU की रेड में करीब 80 करोड़ की संपत्ति का खुलासा टेंट हाउस के मालिक पर नाबालिग के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप, आक्रोशित लोगों ने घर के बाहर किया हंगामा पटना में अगलगी की दो घटना: एंबुलेंस में लगी आग, AC फटने से नर्सिंग होम में मची अफरा-तफरी बिहार के इस जिले में नई चीनी मिल...100 एकड़ भूमि चिन्हित, गन्ना उद्योग विभाग के ACS ने जमीन का किया निरीक्षण
16-Dec-2024 05:06 PM
By First Bihar
DESK: मध्य प्रदेश का शहर इंदौर भिक्षावृत्ति से मुक्त होने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है। जिला कलेक्टर आशीष सिंह ने घोषणा की है कि 1 जनवरी, 2025 से शहर में भीख देने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। प्रशासन ने पहले ही शहर में भीख मांगने पर प्रतिबंध लगा दिया है और इस संबंध में जागरूकता अभियान भी चला रहा है।
कलेक्टर ने कहा, "हमारे पास भीख मांगने वाले कई गिरोहों के बारे में जानकारी है और हमने कई लोगों का पुनर्वास भी किया है। लेकिन कुछ लोग बार-बार इस काम में लिप्त होते हैं। इसलिए हमने यह निर्णय लिया है कि भीख देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा देश के 10 शहरों को भिक्षुक मुक्त बनाने के लिए शुरू किए गए पायलट प्रोजेक्ट के तहत इंदौर भी शामिल है। इसी के तहत इंदौर प्रशासन पिछले कुछ समय से भिक्षावृत्ति के खिलाफ अभियान चला रहा है।
हाल ही में, पुलिस और प्रशासन की टीमों ने 14 भिक्षुओं को पकड़ा था और उनके पास से काफी रकम बरामद हुई थी। इंदौर प्रशासन का मानना है कि भीख देना न केवल एक सामाजिक बुराई है बल्कि कई बार यह संगठित अपराध से भी जुड़ा होता है। इसलिए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे भीख न दें और इस अभियान में प्रशासन का सहयोग करें।