ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Governor : बिहार के नए राज्यपाल बने सैयद अता हसनैन, जानिए सैन्य अधिकारी से लेकर गवर्नर बनने तक का सफर बिहार को मिला नया राज्यपाल, सैयद अता हसनैन की नियुक्ति, आरिफ़ मोहम्मद ख़ान की छुट्टी राज्यपालों का बड़ा फेरबदल: नंद किशोर यादव नागालैंड के गवर्नर, सैयद अता हसनैन बने बिहार के राज्यपाल जहानाबाद: पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, SP ने 6 थानाध्यक्ष समेत 50 पुलिसकर्मियों का किया तबादला, नीचे देखें पूरी लिस्ट.. सुपौल प्रखंड कार्यालय में DM का छापा, BDO-CO सहित कई कर्मचारी मिले गायब नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले से छोटी बहन इंदू नाराज, बोलीं..भईया बिहार छोड़ेंगे तो बहुत कमी महसूस होगी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैसले का HAM ने किया स्वागत, जानिए.. क्या बोले मंत्री संतोष सुमन? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैसले का HAM ने किया स्वागत, जानिए.. क्या बोले मंत्री संतोष सुमन? बेतिया में साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार, व्हाट्सएप चैट में मिला पाकिस्तान का कोड रश्मिका-विजय की रिसेप्शन पार्टी में नंगे पैर क्यों पहुंचे एक्टर राम चरण? हैरान कर देगी वजह

महिला दिवस के अवसर पर PM ने नारी शक्ति को किया सलाम, इन 7 महिलाओं के हाथ में ट्विटर की कमान

08-Mar-2020 11:51 AM

DELHI : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने अपना ट्विटर अकाउंट नारी शक्ति को समर्पित कर दिया है. आज महिलाएं पीएम मोदी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को खुद महिलाएं ऑपरेट कर रही हैं. पीएम के ट्विटर अकाउंट को ऐसी महिलाएं को समर्पित है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में तमाम क्षेत्रों में कामयाबी हासिल की है. इनमें सात महिलाएं शामिल हैं जो बारी-बारी से पीएम मोदी के ट्विटर के जरिये अपनी कहानी साझा कर रही हैं. 



 

सबसे पहले पीएम मोदी के ट्वीटर हैंडल से स्नेहा मोहन दास ने  ट्वीट किया. स्नेहा का एक वीडियो शेयर किया गया, जिसमें उन्होंने बताया कि वे एक फूड बैंक की शुरुआत की है. वीडियो में स्नेहा ने बताया कि उन्होंने अपनी मां से प्रेरित होकर यह काम किया है. 




स्नेहा मोहन दास के बाद पीएम मोदी के ट्विटर हैंडल की जिम्मेदारी मालविका अय्यर ने संभाला.  मालविका का एक वीडियो शेयर किया गया है जिसमें मालविका ने बताया कि उन्होंने 13 वर्ष की उम्र में बीकानेर ब्लास्ट में अपने दो हाथ गंवा दिए थे. इस दौरान उनके पैर भी बुरी तरह से जख्मी हो गए थे. लेकिन वह हिम्मत नहीं हारीं. और उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और आज मालविका  दिव्यांग लोगों को लेकर जागरूकता फैला रही हैं.