ब्रेकिंग न्यूज़

मंदिरी आवास से पूर्णिया सांसद गिरफ्तार, समर्थकों ने कहा..पप्पू यादव मत घबराना तेरे पीछे सारा जमाना BIHAR: सेमरा स्टेशन पर बनेगा मल्टी मॉडल कार्गो टर्मिनल, सैकड़ों लोगों को मिलेगा रोजगार ऑटो सवार 10 मजदूरों को ट्रक ने रौंदा, दो की दर्दनाक मौत, तिलक समारोह में काम करके लौट रहे थे घर Bihar School News: बिहार के इस जिले में 444 प्राइवेट स्कूलों को कारण बताओ नोटिस, मान्यता रद्द करने का अल्टीमेटम Bihar School News: बिहार के इस जिले में 444 प्राइवेट स्कूलों को कारण बताओ नोटिस, मान्यता रद्द करने का अल्टीमेटम हथियार के बल पर शिक्षक से लूटपाट का खुलासा, खगड़िया पुलिस ने 4 बदमाशों को किया गिरफ्तार Bihar Education News: बिहार के 253 स्कूलों के हेडमास्टर का वेतन रोकने का आदेश, शिक्षा विभाग ने क्यों ले लिया बड़ा एक्शन? Bihar Education News: बिहार के 253 स्कूलों के हेडमास्टर का वेतन रोकने का आदेश, शिक्षा विभाग ने क्यों ले लिया बड़ा एक्शन? Bihar Greenfield Airport: बिहार के इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को मिली रफ्तार, 4228 एकड़ जमीन चिन्हित, जल्द शुरू होगा निर्माण Bihar Greenfield Airport: बिहार के इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को मिली रफ्तार, 4228 एकड़ जमीन चिन्हित, जल्द शुरू होगा निर्माण

BIHAR : PM आवास योजना को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, अब रेटिना जांच के बाद ही मिलेगा घर

BIHAR : PM आवास योजना को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, अब रेटिना जांच के बाद ही मिलेगा घर

14-Dec-2024 08:23 AM

By First Bihar

PATNA : देश और बिहार के अंदर कई बार यह सुनने को आता है कि पीएम आवास योजना में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है।  इसके रोकथाम को लेकर सरकार काफी प्रयास भी करती है लेकिन कुछ दिनों तक तो सब कुछ सही रहता है बाद में स्थिति जैसा का तैसा हो जाता है। लिहाजा अब केंद्र सरकार ने इसको लेकर एक नई पहल की है। 


दरअसल, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिन लोगों को आवास मिलेगा उनके आंखों की रेटिना की जांच होगी। ताकि लाभुकों के चयन में किसी प्रकार का कोई भी धांधली न हो सके। इसके साथ ही लाभुकों की रेटीना के मदद से आधार कार्ड का मिलान होगा। नए लाभुकों के चैन के लिए जल्द ही राज्य में सर्वेक्षण शुरू होने की उम्मीद है। 


वहीं, पीएम आवास योजना के तहत केंद्र सरकार ने साफ किया है कि एक पंचायत में किसी एक कमी से ही सर्वेक्षण करना है इसके लिए पंचायत वार्ड कर्मियों का पंजीकरण कर लिया गया। रजिस्टर्ड कर्मी ही अपने मोबाइल से लाभुकों की आंखों की तस्वीर लेंगे इसके माध्यम से आधार नंबर की पहचान हो जाएगी।इसको लेकर खास सॉफ्टवेयर बनाया गया है पंजीकृत कमी के मोबाइल का कोई दूसरा उपयोग नहीं कर सकेगा। 


 घर-घर जाकर लाभुकों की पहचान संबंधित कर्मी द्वारा की जाएगी इसी आधार पर लाभकों की नई सूची बनेगी जिस पर ग्राम सभा में सहमति प्राप्त की जाएगी। इधर सूची का अंतिम प्रकाशन होगा ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी इस संबंध में बताते हैं कि पूर्व में बनी सूची में फर्जी नाम होने की शिकायतें मिलती थी आवास की स्वीकृति और राशि भुगतान के समय जांच में यह मामला पकड़ में आता था इसको लेकर यह नया नियम लाया गया है।