ब्रेकिंग न्यूज़

समस्तीपुर: प्रोपर्टी डीलर गणेश सहनी हत्याकांड का खुलासा, 6 लेन के जमीन को लेकर हुआ था विवाद, आरोपी गिरफ्तार नौनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़? बच्चों को पढ़ाने की बजाय स्कूल में चटाई बिछाकर सोते नजर आए मास्टर साहब, वीडियो हो गया वायरल चलती ट्रेन में महिला ने दिया बच्ची को जन्म, झाझा स्टेशन पर 45 मिनट रुकी साउथ बिहार एक्सप्रेस समस्तीपुर में सहायक काराधीक्षक की पत्नी का फंदे से लटका मिला शव, मायके वालों ने दहेज हत्या का लगाया आरोप समस्तीपुर में महिला समेत दो को मारी गोली, भीड़ की पिटाई के बाद घायल अपराधी सन्नी पासवान की मौत आरा में करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा, 3 कपड़ा कारोबारियों पर GST की रेड पटना में गोल का मेगा मोटिवेशनल सेमिनार, 1000+ छात्रों ने सीखा NEET-JEE क्रैक करने का मंत्र दरभंगा में बच्ची से रेप-हत्या मामला: पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद बोले प्रशांत किशोर, कहा..बिहार में अधिकारियों का जंगलराज बिहार में फार्मर रजिस्ट्री ने पार किया 40 लाख का आंकड़ा, 47.8% लक्ष्य पूरा Rajpal Yadav: जेल में बंद एक्टर राजपाल यादव, घर में हो रही जश्न की तैयारी; क्या है वजह?

सरकारें झूठीं लेकिन कोरोना सच्चा है, तबाही की कीमत निचला तबका चुका रहा

सरकारें झूठीं लेकिन कोरोना सच्चा है, तबाही की कीमत निचला तबका चुका रहा

05-Jun-2020 12:42 PM

PATNA : कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बीच सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाले प्रशांत किशोर ने एक बार फिर से केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोला है. प्रशांत किशोर ने कहा है कि कोरोना का संकट वास्तविक है और झांसे और झूठ के सहारे चल रही सरकार इसमें पूरी तरह बेनकाब हो रही हैं.

प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर लिखा कि 'हमें ये समझने में कोई ग़लती नहीं करनी चाहिए कि COVID संकट वास्तविक है . झांसे और झूठ के सहारे चल रही सभी सरकारें इसमें पूरी तरह बेनक़ाब होंगी.दुर्भाग्यवश, इस तबाही की सबसे बड़ी क़ीमत समाज का सबसे निचला तबक़ा चुका रहा है.'

बता दें कि प्रशांत किशोर कोरोना संक्रमण से बचने के लिए बुलाए गए लॉकडाउन को लेकर लगातार हमलावर रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाने के लिए चरणबद्ध तरह से रियायत देने के अनलॉक वन के फैसले पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने ट्वीट कर ही लिखा था कि एक असफल लॉकडाउन और लगातार की गई रणनीतिक गलतियों ने एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या को पूर्ण रूप से मानवीय संकट बना दिया है. इस कार्य प्रणाली में वैज्ञानिक साक्ष्य और आंकड़ों पर आधारित सुधार के बजाय, अब Unlock1 कर, हम खुद को एक बड़ी तबाही की ओर धकेल रहे हैं.