Bihar crime news : अनंत सिंह के पैतृक गांव में फायरिंग से सनसनी, पार्टी से वापस लौट रहे युवक को मारी गोली; इलाके में दहशत का माहौल Bihar News : 125 यूनिट फ्री का वादा… और अब महंगी बिजली! तेजस्वी यादव ने पूछे सवाल, कहा - क्या बिहार की जनता से हो रही है बड़ी वसूली? Bihar News : अब मुंबई में मिलेगा बिहार जैसा ठिकाना! 35 मंजिला भवन का जल्द होगा निर्माण; जानिए कितने रूपए होंगे खर्च BIHAR NEWS : 16 कट्ठा जमीन पर ताबड़तोड़ फायरिंग, विधायक-प्रमुख हुए आमने-सामने; इलाके में दहशत Bihar Politics : नीतीश कुमार MLC तो नितीन नवीन विधायक पद से आज देंगे इस्तीफा, अब राज्यसभा के जरिए शुरू होगी नई सियासी सफ़र Bihar News : पटना वालों ध्यान दें! NH-30 पर बढ़ गया टोल टैक्स, अब पटना–बख्तियारपुर सफर करना होगा महंगा; नई दरें लागू – जानिए पूरा अपडेट Bihar News : बक्सर में रेलवे का मेगा बदलाव! गाजीपुर और वाराणसी का सफर होगा आसान, यात्रियों को मिलेगा डायरेक्ट हाई-स्पीड कनेक्शन मधुबनी की शांभवी प्रिया ने बिहार में लहराया परचम, मैट्रिक में 7वां रैंक हासिल बिजली मिस्त्री की बेटी बनीं जिला टॉपर, 478 अंक लाकर राखी ने रचा सफलता का नया इतिहास दवा व्यवसायी को बदमाशों ने बनाया निशाना, बाइक की डिक्की तोड़कर 65 हजार रुपये ले भागे
02-May-2020 05:56 PM
PATNA : नीतीश सरकार ने बिहार में 500 और व्यापार मंडल से पीडीएस की दुकानों का संचालन कराने का फैसला किया था. लेकिन कोरोना महामारी के बीच सरकार ने अपने ही इस फैसले को तुरंत वापस ले लिया. सरकार के इस फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है. विरोध विरोधियों की बजाय खुद बीजेपी के विधायक कर रहे हैं. बीजेपी के विधायक मिथिलेश तिवारी ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है.

तिवारी ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा है कि सरकार के निर्देशानुसार पक्षों के माध्यम से अनाज खरीद का काम किया जाता है. पैक्सों की क्षमता जब इस कार्य को अच्छी तरीके से संचालित करने की है जो जन वितरण का कार्य भी आसानी से किया जा सकता है बीजेपी विधायक ने कहा है कि पैक्स एक लोकतांत्रिक प्रणाली के जरिए संचालित होने वाली सरकारी संस्था है और जनता के प्रति अपने उत्तरदायित्व को भी समझता है. ऐसे में इस में गड़बड़ी की संभावना ना के बराबर है.

तिवारी ने अपने पत्र में लिखा है कि पीडीएस डीलरों की मनमानी कोई नई बात नहीं है और पैसों से पीडीएस का काम वापस लिया जाना कहीं न कहीं सवालों के घेरे में है. ऐसी स्थिति में सरकार को चाहिए कि वह तुरंत अपने उस आदेश को वापस ले जिसके तहत पैसों से जन वितरण प्रणाली का काम वापस लेने का फैसला किया गया है.