ईरान में फंसे अमेरिकी पायलटों को 36 घंटे में बचाया, ट्रम्प बोले- इतिहास का सबसे साहसी रेस्क्यू CM नीतीश के स्वागत में बवाल: BJP-JDU विधायकों को अंदर जाने से रोका, सुरक्षाकर्मियों से नोकझोंक छापेमारी के दौरान मदरसा से हथियार बरामद, मौलवी सहित 3 को पुलिस ने दबोचा पश्चिम बंगाल विस चुनाव 2026: BJP ने जारी की 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट आरा में पैसे के विवाद में दोस्त ने दोस्त को मारी गोली, युवक की हालत गंभीर बड़े भाई की हत्या का बदला लेने के लिए खुद पर चलवाई गोली, 3 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा बीच सड़क पर रील बनाना पड़ गया महंगा, पुलिस ने कर दी पिटाई, युवक को गाड़ी में जबरन बिठाते वीडियो वायरल पटना में NMCH क्लर्क के घर दिनदहाड़े चोरी, 35 लाख के जेवरात ले उड़े चोर दरभंगा एयरपोर्ट से बेंगलुरु की सीधी उड़ान शुरू, शिक्षा-रोजगार के खुलेंगे नए द्वार दरभंगा एयरपोर्ट से बेंगलुरु की सीधी उड़ान शुरू, शिक्षा-रोजगार के खुलेंगे नए द्वार
06-Dec-2022 07:34 AM
PATNA : पटना में एक बार फिर भ्रष्ट इंजीनियर के आवास पर छापेमारी हुई है। कल यानी सोमवार को झारखंड के भवन निर्माण विभाग के रिटायर्ड एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की खोजबीन करते हुए हजारीबाग के कोर्रा थाने की पुलिस ने छापेमारी की है। दरअसल, पुलिस जिस इंजीनियर की तलाश कर रही थी वह शास्त्री नगर थाना क्षेत्र के पुनाईचक स्थित रिटायर्ड इंजीनियर देव दर्शन सिंह हैं। छापेमारी करने गई पुलिस की टीम पर इंजीनियर के अपार्टमेंट में रह रहे लोगों ने बदसलूकी भी की। देव दर्शन पर हजारीबाग के कोर्रा थाना क्षेत्र में सरकारी छात्रावास के प्रोजेक्ट में धांधली कर 38 लाख रुपये गबन करने का आरोप है। जिला कल्याण पदाधिकारी ने कोर्रा थाने में देव दर्शन सिंह समेत टीम के पांच अभियंताओं पर मामला दर्ज कराया था।
मामले से जुड़ी जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक पुलिस सबसे पहले शास्त्रीनगर थाने पहुंची और लोकेशन लेकर थाने की पुलिस के साथ जब अपार्टमेंट गयी, तो उसमें रहने वाले रेंटर बदसलूकी पर उतर आए आरोपित को बचाने और पुलिस के साथ बदतमीजी करने के आरोप में अपार्टमेंट में रह रहे रेंटरों को नोटिस भेजा जायेगा। झारखंड पुलिस के अनुसार अगली बार दल-बल के साथ अपार्टमेंट में छापेमारी की जायेगी और सरकारी काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की जायेगी। देव दर्शन सिंह झारखंड के भवन निर्माण विभाग के एग्जिक्यूटिव इंजीनियर के पद से 2011 में रिटायर्ड हुए थे।
इंजीनियर देव दर्शन सिंह की एक टीम है जिसमें कुल पांच लोग शामिल थे। पिछले एक महीने में इस मामले में टीम के चार लोगों को कोर्रा थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं मुख्य आरोपित देव दर्शन सिंह इस मामले में फरार चल रहे हैं। बताया गया कि देव दर्शन सिंह की टीम ने छात्रावास के निर्माण में खराब मेटेरियल का उपयोग किया था। झारखंड पुलिस के अनुसार इस टीम पर अनियमितता के कई मामले अलग-अलग थानों में दर्ज है।