ब्रेकिंग न्यूज़

जमुई में नकाबपोश बदमाशों ने घर पर बमबाजी कर लूट की वारदात को दिया अंजाम, जमीन के दस्तावेज भी जलाए मधुबनी में भीषण सड़क हादसा: बेलगाम ट्रैक्टर की चपेट में आने से महिला की मौत, चालक फरार सीट लूटने के चक्कर में दो यात्रियों की मौत, गया जंक्शन पर दर्दनाक हादसा सहरसा में सिर कटी लाश का खुलासा: प्रेम-प्रसंग में युवती के भाई ने रची थी साजिश बिहार में खुले में मांस-मछली की बिक्री पर रोक, बिना लाइसेंस के नहीं लगेगी दुकान, नीतीश सरकार ने किये नियम सख्त JEE Mains Result 2026: जेईई मेन 2026 का रिजल्ट घोषित, बिहार के शुभम कुमार ने लहराया परचम, हासिल किये 100 परसेंटाइल बिक्रमगंज के रेड लाइट एरिया में पुलिस की रेड, 4 महिलाएं समेत 6 हिरासत में कर्पूरी ठाकुर की जयंती में राजद के दो गुट भिड़े, इसराइल मंसूरी और हैदर आजाद में तीखी नोकझोंक Bihar News: बिहार में दर्दनाक सड़क हादसे में मासूम बच्चे की मौत, गुस्साए लोगों ने सड़क पर किया भारी बवाल BIHAR CRIME NEWS: बिहार में प्रशासन लिखी स्कॉर्पियो से फायरिंग, पेशकार और पुलिस अधिकारी गिरफ्तार

पटना में 7 सीओ का वेतन रुका, दाखिल खारिज के मामलों में लापरवाही का आरोप

पटना में 7 सीओ का वेतन रुका, दाखिल खारिज के मामलों में लापरवाही का आरोप

15-Apr-2022 08:02 AM

PATNA : दाखिल खारिज के मामलों का निपटारा सही समय पर नहीं करना पटना के सात सीओ को भारी पड़ गया है. पटना के डीएम डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह ने दाखिल खारिज और परिमार्जन में लापरवाही करने वाले सदस्यों के वेतन पर रोक लगा दी है. इसमें पटना सदर, फुलवारी शरीफ, धनरूआ, दानापुर, बिहटा, मनेर और संपतचक के सीईओ शामिल हैं. 


डीएम कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक इसमें से चार अंचल ऐसे हैं जहां 80 फीसदी से कम दाखिल खारिज के मामलों का निपटारा हुआ. इसमें पटना सदर, दानापुर, संपतचक और धनरूआ अंचल शामिल है. बाकी तीन अंचल फुलवारी शरीफ, मनेर और बिहटा में 63 दिनों से अधिक 300 से ज्यादा आवेदन लंबित पाए गए.


पटना के डीएम डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक जिले में दाखिल खारिज के लिए 514539 आवेदन आए हैं इनमें से 456539 आवेदन यानी 89 फ़ीसदी आवेदन का निपटारा किया जा चुका है इसी तरह परिमार्जन के लिए 153304 आवेदन आए इनमें से 123192 आवेदन यानी तकरीबन 81 फ़ीसदी का निपटारा किया जा चुका है.


सात सीओ का वेतन रोके जाने के साथ-साथ पटना में एक शिक्षक को भी निलंबित किया गया है. डीएम के आदेश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने एक शिक्षक को निलंबित करने के साथ-साथ 7 शिक्षकों के वेतन पर रोक लगाया है. बुधवार को पंचायत स्तर पर की गई जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. वहीं एक आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के मानदेय पर भी रोक लगाई गई है. इन सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है.