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24-Jul-2020 06:31 AM
PATNA : कोरोना महामारी ने देश ही नहीं बल्कि दुनिया में बहुत कुछ बदल दिया है लेकिन अब बिहार के अंदर कोरोना एक नया इतिहास लिखने को तैयार खड़ा है। संक्रमण के बीच शुरू होने वाले बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र की बैठकें अब विधानसभा या विधान परिषद की बजाय कहीं और कराए जाने पर सरकार विचार कर रही है। संक्रमण की आशंका को देखते हुए विधायकों और विधान पार्षदों के बीच इस सोशल डिस्टेंसिंग के प्रोटोकॉल का पालन किया जा सके इस लिहाज से विकल्प पर विचार किया जा रहा है।
बिहार विधानमंडल के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा की सदन की बैठक विधानमंडल भवन की बजाय कहीं और कराया जाए। आगामी 3 अगस्त से बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। मानसून सत्र को बेहद छोटा रखा गया है और 6 अगस्त तक ही बैठकें होनी हैं। यह सत्र इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 16वीं विधानसभा का यह अंतिम सत्र होगा। सरकार संक्रमण की चुनौतियों के बीच जिस विकल्प पर विचार कर रही है उसके मुताबिक पटना के ज्ञान भवन में मानसून सत्र की बैठक आयोजित की जा सकती है। ज्ञान भवन के फर्स्ट फ्लोर पर विधान परिषद जबकि प्रेक्षागृह में विधानसभा की बैठक का संचालन किया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो इसके लिए शुरुआती दौर की तैयारियां भी शुरू की जा चुकी है हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।
विधानमंडल का सत्र बुलाए जाने का फैसला राज्यपाल की सहमति से किया जाता है। राज्यपाल फागू चौहान ने सत्र की तारीख और स्थान दोनों तय किए हैं लिहाजा अब भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 (1) के तहत अगर इसमें बदलाव करना हुआ तो नया स्थान पर विधानमंडल की बैठक में आयोजित करने के लिए उनकी मंजूरी लेनी होगी। सरकार और बिहार विधानमंडल से जुड़े सूत्रों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों के बीच विधानसभा और विधान परिषद में सत्र की बैठक के आयोजित करना संभव नहीं है क्योंकि यहां सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं किया जा सकता लिहाजा अब नए विकल्प की तरफ बढ़ा जा रहा है।
मानसून सत्र की बैठकें कहीं और संचालित किए जाने को लेकर संसदीय कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजा गया है। विधानसभा और विधान परिषद दोनों की तरफ से यह जानकारी दी गई है। साथ ही साथ चर्चा इस बात की भी है कि संक्रमण को देखते हुए 4 दिन के मानसून सत्र को और छोटा किया जा सकता है। सत्र में एक या दो दिन की कटौती संभव है हालांकि इस पर अभी अंतिम तौर पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। सत्र की शुरुआत के बाद ही सर्वदलीय बैठक किया फिर कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में इस पर कोई निर्णय लिया जा सकेगा।