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04-Apr-2021 07:12 AM
PATNA : बिहार में कोरोना की दूसरी लहर की वापसी ने मरीजों की तादाद अचानक से बढ़ा दी है। नतीजा यह है कि पटना के सभी बड़े अस्पतालों में कोविड वार्ड मरीजों से फुल हो गए हैं। हालांकि पीएमसीएच और एनएमसीएच में अभी भी कोरोना मरीजों की एंट्री हो रही है लेकिन पटना एम्स, रूबन और पारस जैसे बड़े अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज अब नहीं हो पा रहा। यहां नए मरीजों की एंट्री वार्ड फुल होने के कारण नहीं की जा रही।
पटना के पीएमसीएच में कोरोना के नए मरीजों को एडमिट लिया जा रहा है। शनिवार को पीएमसीएच में एक साथ कोरोना के 5 मरीज भर्ती हुए हैं। पीएमसीएच प्रबंधन के मुताबिक होली के बाद अचानक के संक्रमितों की संख्या बढ़ी है। पटना एम्स में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को शनिवार के दिन लौटना पड़ा। एम्स में कोरोना के कुल 80 मरीजों के इलाज की क्षमता है और यह पूरी तरह से भर गया है। जिन मरीजों का इलाज चल रहा है उनमें कई को वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की सुविधा दी जा रही है।
उधर रुबन अस्पताल के निदेशक डॉ संजीत कुमार के मुताबिक अस्पताल में 40 बेड से बढ़ाकर कोविड वार्ड को 60 बेड का कर दिया गया है लेकिन यहां भी मरीजों से वार्ड फुल हो चुका है। पारस हॉस्पिटल का भी हाल लगभग ऐसा ही है। अचानक से कोरोना के केस बढ़ने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है लेकिन एनएमसीएच और पीएमसीएच में अभी मरीजों को एडमिट लेना जारी रखा है। उधर बिहटा स्थित ईएसआई के हॉस्पिटल में एक बार फिर कोरोना के मरीजों की इलाज की सेवा शुरू करने की तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीक सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर सहमति जताई है और जल्द ही बिहटा स्थित 500 बेड वाले कोविड।अस्पताल में मरीजों का इलाज शुरू हो जाएगा। पटना एम्स के कोविड वार्ड में 10 बेड बढ़ाए गए हैं और आईसीयू में भी 10 बेड़ों की संख्या बढ़ाई गई है।