ठंडे बस्ते में पड़ी बिहार की इन दो रेल परियोजना को मिली रफ्तार, 511 करोड़ से निर्माण कार्य में आएगी तेजी ठंडे बस्ते में पड़ी बिहार की इन दो रेल परियोजना को मिली रफ्तार, 511 करोड़ से निर्माण कार्य में आएगी तेजी Bihar News: बेतिया में आग का तांडव... रातोंरात दर्जनों घर राख, मवेशी भी जिंदा जले; गांव में मची चीख-पुकार बिहार के मदरसे में रची जा रही थी कौन सी बड़ी साजिश? पुलिस की छापेमारी में पिस्टल बरामद, मदरसा को किया सील, हिरासत में तीन संदिग्ध बिहार के मदरसे में रची जा रही थी कौन सी बड़ी साजिश? पुलिस की छापेमारी में पिस्टल बरामद, मदरसा को किया सील, हिरासत में तीन संदिग्ध BIHAR NEWS : मौत बनकर दौड़ी दूध वैन! बाइक सवार को रौंदा, 2 मासूमों को कुचलते हुए घर में घुसी गाड़ी बिहार में 7 माह की गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत: फंदे से लटका मिला शव, एक साल पहले हुई थी प्रेम विवाह फल्गु नदी में पानी छोड़े जाने के बाद मछली पकड़ने के लिए उमड़ी भीड़, प्रशासन की चेतावनी भी नजरअंदाज फल्गु नदी में पानी छोड़े जाने के बाद मछली पकड़ने के लिए उमड़ी भीड़, प्रशासन की चेतावनी भी नजरअंदाज बिहार में कारोबारी से मांगी 20 लाख की रंगदारी, 10 अप्रैल तक पैसे नहीं देने पर हत्या की धमकी; फेसबुक के जरिए भेजा मैसेज
22-Sep-2022 07:10 AM
PATNA : बिहार में बालू की कीमतें भले ही आसमान छू रही हो, लेकिन अगले महीने से राज्य में इसकी किल्लत दूर हो जाएगी। दरअसल 31 सितंबर तक बालू के खनन पर एनजीटी की गाइडलाइन के मुताबिक रोक लगी हुई है, लेकिन अक्टूबर महीने से बालू खनन का काम शुरू हो जाएगा। बिहार के 28 जिलों के तकरीबन 900 बालू घाटों पर अक्टूबर से बालू खनन शुरू होगा। मई 2022 तक केवल 16 जिलों में करीब 435 बालू घाटों से ही बालू का खनन हो रहा था। अभी बालू खनन पर एनजीटी की रोक है। इसके तहत 31 सितंबर तक बालू का खनन नहीं होना है। नदियों में तीन मीटर से अधिक की खुदाई नहीं हो सकेगी। सरकार ने खनन की सीमा तय कर दी है। इतना ही नहीं नदियों के जलस्तर या 3 मीटर में जो कम होगा, वही खनन की सीमा होगी। इलके अलावा वे 300 मीटर के दायरे में ही बालू का भंडारण कर सकेंगे। 5 किमी से आगे बालू भंडारण के लिए उन्हें अलग से लाइसेंस लेना होगा। बंदोबस्तधारियों को भंडारण स्थल का जियो कार्डिनेट के साथ भंडारण की मात्रा की ऑनलाइन पोर्टल पर जानकारी देनी होगी।
बालू खनन के बंदोबस्तधारियों को हर साल बालू के बंदोबस्त के लिए 20 फीसदी ज्यादा राशि देनी होगी। राज्य सरकार की बालू खनन की नई नीति में इसका प्रावधान किया है। बंदोबस्तधारियों को हर साल पिछले वर्ष की तुलना में 120 फीसदी राशि देनी होगी। राज्य सरकार ने सभी जिलों में बालू खनन के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सभी डीएम को इसकी जिम्मेवारी सौंपी गयी है। पहली बार नए प्रावधान के तहत बालूघाटों की बंदोबस्ती जिलों को ही करनी है। बालू की बिक्री केवल ऑनलाइन ही होगी। छोटे, मध्यम और बड़े उपभोक्ता इसी माध्यम से बालू ले सकेंगे। इस कारण हर साल बालू की बाजार कीमत बढ़नी भी तय है।
इसके अलावे राज्य सरकार ने अवैध खनन को लेकर भी पक्का इंतजाम किया है। अवैध खनन रोकने की जिम्मेवारी बंदोबस्तधारियों को ही सौंप दी है। उनसे उनके बालूघाटों और उसके आसपास नजर रखने को कहा गया है। उनके बालूघाट के 100 मीटर के इलाके में अवैध खनन होने पर बंदोबस्तधारियों को तत्काल इसकी सूचना सरकार को देनी होगी। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। वे बालूघाट की सबलेटिंग नहीं कर सकेंगे। उसे किसी दूसरे को उपपट्टा पर नहीं देंगे। बंदोबस्तधारियों को खुद या अपने प्रतिनिधि के माध्यम से बालूघाटों की निगरानी करनी होगी। यही नहीं, उन्हें खनन स्थल का चार फोटो हर हफ्ते जियो कार्डिनेट के साथ अपलोड करना होगा। घाटों पर धर्मकांटा लगवाना होगा और रियल टाइम डाटा विभागीय पोर्टल पर देना होगा। जीपीएस युक्त वाहन तो होंगे ही, वाहन पर लोड शेल उपकरण का भी इस्तेमाल करना होगा।