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क्या नीतीश चाहते ही नहीं थे कि मंत्री जी उद्घाटन के अहम मौके पर अपने क्षेत्र में रहें, परेशान हैं श्रम मंत्री विजय कुमार सिन्हा

16-Jun-2020 04:27 PM

PATNA: तीन-चार महीने बाद चुनाव है और मंत्री जी के विधानसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी योजना का उद्घाटन था. मंत्री जी को सीएम कार्यालय से बार-बार फोन कर पटना में रहने को कह दिया गया. मंत्री जी पटना आये और उधर उनके प्रतिद्वंदी क्षेत्र में जलसा करने पहुंच गये. बिहार के श्रन मंत्री विजय कुमार सिन्हा के साथ ऐसा ही वाकया हुआ. मंत्री जी हैरान हैं लेकिन चाह कर भी कुछ नहीं बोल पा रहे हैं.

क्या हुआ वाकया

दरअसल बिहार के श्रम मंत्री विजय कुमार सिन्हा लखीसराय क्षेत्र से विधायक हैं. आज उनके क्षेत्र की सबसे बड़ी योजना का उद्घाटन था. लखीसराय में आज बायपास का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये किया. लखीसराय बायपास उस पूरे इलाके की सबसे महत्वपूर्ण योजना है. बायपास की मांग पिछले कई दशकों से की जा रही थी जो आज पूरी हुई. 


अपने विधानसभा क्षेत्र की सबसे अहम योजना के उद्घाटन के मौके पर मंत्री विजय कुमार सिन्हा उद्घाटन अपने क्षेत्र में रहना चाहते थे. लेकिन क्या हुआ ये उनकी जुबानी ही जानिये “इस बायपास और रेल पुल के लिए मैंने लंबी लड़ाई लडी है. विधानसभा में कम से कम 8 बार मामला उठाया. जब ये मांग पूरी हुई तो उद्घाटन के मौके पर मैं लखीसराय में रहना चाहता था. लेकिन पटना से सीएम कार्यालय से मुझे दो बार फोन आया. मुझे कहा गया कि वीडियो कांफ्रेंसिंग से उद्घाटन होना है. इसलिए आपको सीएम के साथ रहना है. जब सीएम दफ्तर से बार-बार कॉल आया तो मजबूरी में मुझे लखीसराय से पटना आना पड़ गया.”


मंत्री जी पटना आये, लखीसराय में हो गया खेल

अब मजे की बात देखिये. उद्घाटन समारोह के लिए स्थानीय विधायक और मंत्री विजय कुमार सिन्हा को पटना बुला लिया गया. उधर लखीसराय में अलग से उद्घाटन समारोह रख दिया गया. लखीसराय के उद्घाटन समारोह में बिहार सरकार के मंत्री नीरज कुमार और स्थानीय सांसद ललन सिंह को खास अतिथि के तौर पर बुलाया गया. दोनों पब्लिक के बीच मौजूद थे और इधर पटना में बैठे स्थानीय विधायक सह मंत्री विजय कुमार सिन्हा का फोटो भी वीडियो कांफ्रेंसिंग में नहीं दिख रहा था. 


हैरान हैं मंत्री लेकिन चाह कर भी बोल नहीं पा रहे 

तीन-चार महीने बाद विधानसभा चुनाव होना है, मंत्री विजय कुमार सिन्हा जानते हैं कि उनका जनता के बीच रहना और मैसेज देना कितना जरूरी है. लेकिन वे मौका चूक गये. मंत्री समझ रहे हैं कि खेल कहां से हुआ है लेकिन वे चाह कर भी कुछ बोल नहीं पा रहे हैं. मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि अधिकारियों ने उनके साथ गलत किया. गलत मैसेज पहुंचाया जिससे वे अपने क्षेत्र में मौजूद नहीं रह सके. 




क्या है मामला

दरअसल मंत्री विजय कुमार सिन्हा की नीतीश के बेहद करीबी माने जाने सांसद से अदावत जगजाहिर है. सियासी जानकार जानते हैं कि सांसद महोदय की मर्जी से ही लखीसराय का प्रभारी मंत्री बनाया गया है. लिहाजा प्रभारी मंत्री के साथ भी विजय कुमार सिन्हा का संबंध कैसा है ये बताने की जरूरत नहीं है. अंदरखाने की चर्चा ये है कि इसी खेल में विजय कुमार सिन्हा आज फंस गये. स्थानीय विधायक को बकायदा सीएम हाउस से फोन कर पटना बुला लिया गया और प्रभारी मंत्री को लखीसराय भेज दिया गया. बताने की जरूरत नहीं है कि वहां सांसद ललन सिंह भी मौजूद थे. 

जानकारों की मानें तो इस अदावत का असर आने वाले विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिल सकता है. हालांकि विजय कुमार सिन्हा बीजेपी के कुछ बड़े नेताओं के करीबी हैं. लिहाजा उनका टिकट कटना आसान नहीं है. लेकिन चुनाव के दौरान घात-प्रतिघात की चर्चायें आम हैं.