ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में नेताओं की सुरक्षा में बड़ा फेरबदल, नितिन नबीन समेत कई को Z कैटेगरी की सुरक्षा, तेजस्वी की घटी Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी पर घर लाएं ये 5 शुभ चीजें, बनी रहेगी माता सरस्वती की कृपा Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी पर घर लाएं ये 5 शुभ चीजें, बनी रहेगी माता सरस्वती की कृपा महारानी कामसुंदरी देवी को श्रद्धांजलि देने दरभंगा पहुंचे राज्यपाल, बोले..शिक्षा के क्षेत्र में राजपरिवार का अतुलनीय योगदान मुंगेर पैक्स चुनाव: जेल में बंद प्रत्याशी ने हथकड़ी में दाखिल किया नामांकन Bihar Crime News: बिहार के इस यूनिवर्सिटी कैंपस में दो हॉस्टल के छात्रों के बीच खूनी जंग, सरस्वती पूजा के चंदे को लेकर बढ़ा विवाद Republic Day 2026: मखाना बना लोकल से ग्लोबल, गणतंत्र दिवस समारोह में बनेगा बिहार की शान Republic Day 2026: मखाना बना लोकल से ग्लोबल, गणतंत्र दिवस समारोह में बनेगा बिहार की शान बिहार में बड़ा हादसा टला: एक्सप्रेस ट्रेन और ट्रक की हुई जोरदार टक्कर, डाउन लाइन पर परिचालन बाधित बिहार में बड़ा हादसा टला: एक्सप्रेस ट्रेन और ट्रक की हुई जोरदार टक्कर, डाउन लाइन पर परिचालन बाधित

सैकड़ों बच्चों की मौत का दोष BJP पर डालने के लिए नीतीश ने की सेटिंग! विधानसभा में क्यों पहली दफे मंजूर हुआ कार्यस्थगन प्रस्ताव

सैकड़ों बच्चों की मौत का दोष BJP पर डालने के लिए नीतीश ने की सेटिंग! विधानसभा में क्यों पहली दफे मंजूर हुआ कार्यस्थगन प्रस्ताव

02-Jul-2019 10:32 PM

By 2

PATNA: बिहार विधानसभा में आज अजूबे वाकये हुए. नीतीश कुमार के तकरीबन 14 सालों के कार्यकाल में पहली दफे विपक्षी पार्टी का कार्यस्थगन प्रस्ताव मंजूर हुआ. पहली दफे विपक्षी पार्टी यानि RJD के विधायक चुपचाप नीतीश कुमार का लंबा भाषण सुनते रहे. हंगामा तभी हुआ जब बीजेपी कोटे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय बोलने के लिए खड़ा हुए. राजद के नेता अपना भाषण पहले से ही लिख कर लाये थे. जैसे उन्हें पहले से पता था कि आज कार्यस्थगन प्रस्ताव मंजूर होगा और उन्हें भाषण देना ही होगा. चमकी बुखार से सैकड़ों बच्चों की मौत पर नीतीश का ये खेल सियासी गलियारे में चर्चा का विषय बना है. क्या होता है कार्यस्थगन प्रस्ताव विधानसभा या परिषद में कार्यस्थगन प्रस्ताव का मतलब होता है सदन के सारे काम रोक कर उस विषय पर चर्चा जिसे प्रस्ताव में लाया गया है. नीतीश कुमार के पिछले 14 सालों के कार्यकाल में विपक्षी पार्टियों ने कम से कम 200 दफे कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया होगा. सारे के सारे प्रस्ताव नामंजूर कर दिये गये. पिछले दो सालों में अकेले राजद के विधायकों ने सत्र के दौरान तकरीबन हर दिन कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश किया. सब का हश्र एक ही हुआ. सारे के सारे नामंजूर कर दिये गये. तो आज पहले से ही थी सेटिंग बिहार विधानसभा में आज सदन की कार्यवाही शुरू होते ही ये दिख गया था कुछ न कुछ सेटिंग पहले से है. राजद के विधायकों ने मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से बच्चों की मौत पर चर्चा के लिए प्रस्ताव दिय़ा. तत्काल उसे मंजूर कर लिया गया. विधानसभा की प्रेस दीर्घा में सनसनी फैल गयी. ये अजूबा कैसे हुआ. पंद्रह सालों में पहली दफे कार्यस्थगन प्रस्ताव को मंजूरी. लगने लगा कि कि मामला पहले से फिक्स था. कुछ देर बाद जब राजद विधायक बोलने लगे तो बात और क्लीयर हो गयी. ललित यादव जैसे कई विधायक अपना भाषण लिख कर लाये थे. यानि उन्हें पहले से पता था कि आज कार्यस्थगन प्रस्ताव मंजूर होगा और उन्हें सदन में बोलना होगा. क्या नीतीश ने BJP को जलील कराया? सवाल इसलिए उठ रहा है कि क्योंकि राजद और कांग्रेस के जितने विधायक बोले, सभी ने बीजेपी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर निशाना साधा. विधानसभा के पिछले सत्र तक नीतीश कुमार के चेहरे के सामने आकर अभद्र नारेबाजी करने वाले राजद के विधायक आज नीतीश कुमार को लेकर रहस्यमयी चुप्पी साधे थे. सदन में कार्यस्थगन प्रस्ताव लाने वाले राजद विधायकों ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के जबाव के दौरान जमकर हंगामा किया और वाकआउट कर दिया. उसके बाद जब नीतीश कुमार ने बोलना शुरू किया तो राजद विधायक फिर से सदन में लौट आये. तकरीबन 35 मिनट का नीतीश कुमार का भाषण बेरोकटोक चलता रहा. राजद के किसी विधायक ने कोई टोका-टोकी नहीं की. भाई वीरेंद्र, गुलाब यादव जैसे राजद के फायरब्रांड विधायक ऐसे चुप बैठे थे कि देखने वाले हैरान थे. सियासी जानकारों की मानें तो पॉलिटिक्स में ऐसे वाकयों के गंभीर मतलब होते हैं. तो पकने लगी नयी सियासी खिचड़ी विधानसभा में आज के वाकये ने आने वाले दिनों में होने वाली पॉलिटिक्स का संकेत दे दिया है. नीतीश कुमार और बीजेपी में संबंध सामान्य  नहीं हैं ये जगजाहिर है. अब आगे क्या हो सकता है इसकी एक झलक भी आज देखने को मिल गयी.