ब्रेकिंग न्यूज़

शराब और अवैध हथियार के खिलाफ सहरसा पुलिस की कार्रवाई, घर की घेराबंदी कर अपराधी को दबोचा, हथियार-कारतूस भी बरामद मोतिहारी में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 4 महिलाएं और 2 दलाल गिरफ्तार पटना के मरीन ड्राइव पर नहीं लगेंगी दुकानें, अब यहां बनेगा नया वेंडिंग जोन भोजपुर में अनियंत्रित ऑटो के पलटने से युवक की मौत, महिला समेत कई लोग घायल बिहार का ऑफिसर राज: चार्टर प्लेन में सपरिवार सैर कर रहे हैं IAS अधिकारी, विधानसभा में उठा मामला लेकिन सरकार ने साध ली चुप्पी दरभंगा में पत्नी की अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने वाला पति गिरफ्तार, सालभर से फरार था आरोपी, मुंबई में बना रखा था ठिकाना राष्ट्रीय स्कॉलरशिप प्रवेश परीक्षा 2026: एस.के. मंडल ग्रुप की मेधावी छात्रों के लिए बड़ी पहल Bihar Crime News: चार दिनों से लापता युवक का नदी किनारे शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका BIHAR: निकाह के 1 महीने बाद बीवी ने शौहर के चेहरे पर फेंका खौलता तेल, जिन्दगी और मौत के बीच जूझ रहा पति दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में मनाई गई स्वामी सहजानंद सरस्वती जयंती, पूर्व सीजेआई समेत कई दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

नीतीश के अहंकार से विकास धीमा पड़ा, सुशील मोदी बोले- शराबबंदी से हर साल 6 हजार करोड़ का नुकसान

नीतीश के अहंकार से विकास धीमा पड़ा, सुशील मोदी बोले- शराबबंदी से हर साल 6 हजार करोड़ का नुकसान

28-Nov-2022 09:49 PM

PATNA: बिहार में विपक्ष से लेकर सत्ताधारी दल शराबबंदी को लेकर लगातार उठ रहे। सरकार के सहयोगी दलों के अलावा एनडीए में शामिल दल भी कह रहे हैं कि बिहार में शराबबंदी फेल हो चुकी है और सरकार से अगर शराबबंदी संभल नहीं रही है तो इसे वापस ले लेना चाहिए। इसी बीच बीजेपी सांसद और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने भी शराबबंदी को लेकर सरकार पर सवाल उठा दिया है। सुशील मोदी ने कहा है कि बिहार सरकार की शराबबंदी नीति के कारण राज्य को हर साल 6 हजार करोड़ रुपए का घाटा हो रहा है। इससे पहले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भी कहा था कि नीतीश कुमार की जिद के कारण बिहार को हर साल करोड़ों का नुकसान हो रहा है।


दरअसल, सुशील मोदी ने बिहार सरकार के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी के उस बयान को लेकर सरकार को घेरा है जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार से पर्याप्त मदद नही मिलने की बात कही थी। सुशील मोदी ने कहा है कि शराबबंदी के कारण 6 हजार करोड़ रुपये के वार्षिक नुकसान के अलावा सभी राज्यों की जीएसटी क्षतिपूर्ति बंद होने से भी बिहार तीन-चार हजार करोड़ रुपये से वंचित होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के अहंकार, शराबनीति और टकराव की राजनीति के कारण विकास धीमा पड़ा है और आर्थिक चुनौतियां गंभीर हुई हैं। अब बजट का आकार छोटा करने की नौबत आ गई है। 


उन्होंने कहा कि नीतीश पहले बिहटा, दरभंगा और पूर्णिया हवाई अड्डों के विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध कराएं, उसके बाद राजगीर की बात करें। नीतीश सरकार को राजगीर की बात करने से पहले तीन हवाई अड्डों के विस्तारीकरण के लिए जमीन उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहटा और पूर्णिया हवाई अड्डों का विस्तारीकरण एक साल में हो सकता है, जिससे सीमांचल में विकास की गति जल्द ही तेज हो सकती है।