ब्रेकिंग न्यूज़

सुपौल में LIC एजेंट ने लाइसेंसी गन से खुद को मारी गोली, इलाके में सनसनी प्रेमिका के साथ पार्क में बैठे प्रेमी को डायल 112 की टीम ने पकड़ा, महिला सिपाही पर 5 हजार रूपये मांगने का आरोप मुजफ्फरपुर बड़गांव झड़प मामले में पियर थानाध्यक्ष रजनीकांत सस्पेंड, एसएसपी की बड़ी कार्रवाई बेगूसराय में NH-31 पर भीषण हादसा, ई-रिक्शा को बचाने में मिनी बस पलटी, एक दर्जन लोग घायल मुजफ्फरपुर में जिला कृषि पदाधिकारी 50 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, विशेष निगरानी टीम की बड़ी कार्रवाई क्या सच में नीट छात्रा के भाई को उठा ले गई CBI? फर्स्ट बिहार के जरिए जानिए क्या है इसकी असली हकीकत; आखिर क्यों जहानाबाद पहुंची थी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम बिहटा में नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज का कार्यक्रम, शिक्षाविद MM सिंह ने छात्रों को दिये सफलता के मंत्र EDUCAMY पटना से JEE MAINS का Bihar State Topper, पटना में रहकर IIT-JEE की तैयारी करने वाले छात्रों में TOP बड़ी जालिम है ये शराब: NDA विधायक ने विधानसभा में उठाई शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग, जेडीयू ने कहा-दिल्ली चले जाइये, वहां चालू है Bihar Road Project: सिलिगुड़ी-गोरखपुर सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया हुई तेज, फिजिकल वेरिफिकेशन शुरू

नीतीश कैबिनेट की बैठक खत्म, 13 एजेंडों पर मुहर, जातीय जनगणना की समय सीमा बढ़ाई गई

नीतीश कैबिनेट की बैठक खत्म, 13 एजेंडों पर मुहर, जातीय जनगणना की समय सीमा बढ़ाई गई

15-Nov-2022 01:16 PM

PATNA : इस वक्त की बड़ी खबर सत्ता के गलियारे से आ रही है। नीतीश कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक खत्म हो गई है। सरकार ने कुल 13 एजेंटों पर मुहर लगाई है। सबसे महत्वपूर्ण फैसला जाति आधारित जनगणना यानी जातीय जनगणना को लेकर हुआ है। सरकार ने जातीय जनगणना की समय सीमा को बढ़ा दिया है। पहले जातीय जनगणना अगले साल यानी फरवरी 2023 तक पूरी करा लेनी थी लेकिन अब इसे 2 महीने आगे बढ़ाया गया है। यानी नीतीश सरकार अब मई 2023 तक जातीय जनगणना कराएगी।


नीतीश कैबिनेट ने बिहार जाति आधारित गणना के लिए एप और पोर्टल निर्माण पर खर्च होने वाली राशि को मंजूरी दी है। इसके लिए बेल्ट्रॉन को सरकार दो करोड़ 44 लाख से ज्यादा की राशि देगी। इसकी प्रशासनिक स्वीकृति आज कैबिनेट की बैठक में दे दी गई है।


नीतीश कैबिनेट ने आज नगर विकास एवं आवास विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी अपनी मुहर लगाई है। बिहार में अवैध बालू खनन को रोकने के लिए अब सरकार ने स्पीड बोट और अन्य तरह की खरीद के लिए 5 करोड़ की स्वीकृति दी है। यह राशि पटना, भोजपुर, सारण समेत ऐसे जिलों में खर्च किया जाएगा जहां नदियों से बालू का अवैध खनन होता है।