PU Student Union Election: पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए नई गाइडलाइन जारी, प्रचार और मतदान में सख्ती PU Student Union Election: पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए नई गाइडलाइन जारी, प्रचार और मतदान में सख्ती Traffic Challan: ट्रैफिक रूल तोड़ने वाले हो जाएं सावधान! बिहार में दो महीने में कटा 90 करोड़ से अधिक का चालान, 138 स्थानों पर लगाए जाएंगे कैमरे Traffic Challan: ट्रैफिक रूल तोड़ने वाले हो जाएं सावधान! बिहार में दो महीने में कटा 90 करोड़ से अधिक का चालान, 138 स्थानों पर लगाए जाएंगे कैमरे Holi Special Train: होली पर यात्रियों को बड़ी राहत, हावड़ा–आनंद विहार से चलेंगी स्पेशल ट्रेनें; इन जिलों के लोगों को होगा लाभ Holi Special Train: होली पर यात्रियों को बड़ी राहत, हावड़ा–आनंद विहार से चलेंगी स्पेशल ट्रेनें; इन जिलों के लोगों को होगा लाभ Bihar Bhumi: बिहार में जमीन खरीदना हो सकता है महंगा, इस महीने के बाद बढ़ने जा रहा MVR; जल्दी कीजिए Bihar Bhumi: बिहार में जमीन खरीदना हो सकता है महंगा, इस महीने के बाद बढ़ने जा रहा MVR; जल्दी कीजिए Bihar News: ‘सवर्ण भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन दें’, बिहार सरकार से उच्च जाति आयोग ने की सिफारिश; EWS को लेकर सख्त निर्देश Bihar News: ‘सवर्ण भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन दें’, बिहार सरकार से उच्च जाति आयोग ने की सिफारिश; EWS को लेकर सख्त निर्देश
26-Aug-2023 07:26 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने शैक्षणिक विकास निगम में भ्रष्टाचार की बात कही है। उन्होंने कहा है कि इसकी जांच निगरानी से करायी जाए। एक ओर बिहार के सरकारी स्कूलों में पेयजल और शौचालय की व्यवस्था नहीं है। वही दूसरी ओर स्कूलों में ढांचागत विकास और मनमाने ढंग से निर्माण कार्य में 40 फीसदी कमीशनखोरी के साथ लूट मची हुई है।
उन्होंने कहा कि बिहार राज्य शैक्षणिक विकास निगम (बीएसइआइडीसी) स्कूलों में सालाना 1500 करोड़ तक के मनमाने निर्माण कार्य करा रहा है, लेकिन इस में मानक, जरूरत और गुणवत्ता का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने यह मांग की है कि बीएसइआइडीसी के कार्यकलाप की जाँच निगरानी विभाग से करायी जानी चाहिए।
सुशील मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार के समग्र शिक्षा अभियान के लिए प्राप्त धनराशि के अलावा प्राइमरी और मध्य विद्यालयों के विकास मद में 1400 करोड़ रुपये बिना उपयोग के खाते में पडे हैं, जबकि लाखों स्कूली छात्र पेयजल, बेंच-टेबल, बिजली और उपयोगी शौचालय तक के लिए तरस रहे हैं।
आगे उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा की चिंता राजभवन पर छोड़ कर सरकार को स्कूलों में शैक्षणिक वातावरण और जरूरत के मुताबिक गुणवत्तापूर्ण संसाधनों के विकास पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।