ब्रेकिंग न्यूज़

पकौड़ी लेने गया पति, लौटकर आया तो सीट खाली! बस स्टैंड से प्रेमी संग फरार हुई नवविवाहिता बिहार में एकसाथ 100 से अधिक जवानों की तबीयत बिगड़ी, पुलिस लाइन में मचा हड़कंप बिहार में एकसाथ 100 से अधिक जवानों की तबीयत बिगड़ी, पुलिस लाइन में मचा हड़कंप पकड़ी गई शिक्षक की चालबाजी: झारखंड में रहकर बिहार में बना रहे थे अटेंडेंस, ऐसे खुला राज पकड़ी गई शिक्षक की चालबाजी: झारखंड में रहकर बिहार में बना रहे थे अटेंडेंस, ऐसे खुला राज फोन पर पति से विवाद के बाद महिला ने उठाया खौफनाक कदम, सुसाइड नोट में लिखी यह बात बिहार के वाहन मालिकों के लिए अच्छी खबर, राष्ट्रीय लोक अदालत में करा सकेंगे ट्रैफिक से जुड़े मामलों का सेटलमेंट; इस दिन होगा आयोजन बिहार के वाहन मालिकों के लिए अच्छी खबर, राष्ट्रीय लोक अदालत में करा सकेंगे ट्रैफिक से जुड़े मामलों का सेटलमेंट; इस दिन होगा आयोजन बिहार में चार लोगों की संदिग्ध मौत, कई की आंखों की रोशनी गई; जहरीली शराब पीने से जान जाने की आशंका घर में कितने गैस सिलेंडर रखना सही? जरूरत से ज्यादा जमा करने पर हो सकती है सख्त कार्रवाई, जानिए

नक्सलवाद पर बुलाई गई बैठक में सीएम नीतीश ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं में कटौती का मामला उठाया, कहा - बिना केंद्रीय मदद के नक्सल समस्या से निपटना नामुमकिन

26-Aug-2019 05:48 PM

By 13

DELHI : नक्सलवाद से निपटने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर से केंद्र प्रायोजित योजनाओं की राशि में कटौती का मामला उठाया है। नक्सलवाद को खत्म करने के लिए बिहार सरकार की तरफ से किए जा रहे प्रयासों की चर्चा करते हुए सीएम नीतीश ने कहा है कि, नक्सल समस्या का अंत केंद्रीय मदद के बिना नामुमकिन है। सीएम नीतीश ने कहा है कि, नक्सलवाद से निपटने के लिए केंद्र सरकार केवल योजना बनाकर या उसकी समीक्षा कर के अपनी भूमिका नहीं निभा सकता। नक्सलवाद के खिलाफ अगर प्रभावी तरीके से कार्रवाई करनी है तो केंद्र को सार्थक पहल करनी होगी। सीएम नीतीश ने कहा कि, इसके लिए केंद्र सरकार को नक्सल प्रभावित राज्यों के लिए वित्तीय मदद और केंद्र प्रायोजित योजनाओं की राशि में वृद्धि करनी होगी। बिहार सरकार की तरफ से वर्ष 2006 से चलाए जा रहे 'आपकी सरकार आपके द्वार' जैसे कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार सरकार जब भी केंद्र प्रायोजित योजनाओं में पूर्व की भांति ही वित्त पोषण या संसाधनों की मांग करती है तो केंद्र उसे यह कहते हुए इंकार कर देता है कि 14वें वित्त आयोग की अनुशंसा के मुताबिक अब राज्यों को पहले से अधिक राशि दी जा रही है। जबकि बिहार के संसाधनों में 14वें वित्त आयोग की अनुशंसा के बाद भारी कमी आई है। ऐसे में वामपंथी उग्रवाद का मुकाबला करना मुश्किल हो रहा है। नीतीश कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार को नक्सलवाद के विरुद्ध कार्यवाई के लिए राज्य पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को मिल बांट कर वहन करना चाहिए।