1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 13, 2026, 3:41:54 PM
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Bihar Teacher News: बिहार के सीतामढ़ी जिले में फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी कर रहे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की जांच में तीन शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद उनके विरुद्ध संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
इसके बाद शिक्षा विभाग ने भी सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित शिक्षकों को चयनमुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) मनीष कुमार ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
जानकारी के अनुसार, परसौनी प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय आनंदी साह, डेरा डेमा में कार्यरत कुमारी आरती रानी, बोखड़ा प्रखंड के मध्य विद्यालय भाउरगढ़ में कार्यरत रूना पासवान, और बेलसंड प्रखंड के मध्य विद्यालय कंसार में कार्यरत सुधांशु कुमार के शैक्षणिक प्रमाणपत्र जांच के दौरान फर्जी पाए गए।
इस मामले में परसौनी थाना (कांड संख्या 09/2026), बोखड़ा थाना (कांड संख्या 10/2026) और बेलसंड थाना (कांड संख्या 54/2026) में प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच में कुमारी आरती रानी और रूना पासवान का मध्यमा अंक प्रमाण पत्र, जबकि सुधांशु कुमार का इंटरमीडिएट अंक पत्र फर्जी पाया गया।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा प्राथमिकी दर्ज होने के बाद विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित शिक्षकों को चयनमुक्त करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करें और एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का प्रतिवेदन ब्यूरो को उपलब्ध कराएं।
विदित हो कि पूर्व में हुई जांच में जिले के 112 से अधिक शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे, जिनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इनमें से करीब 80 प्रतिशत शिक्षकों पर अब तक कार्रवाई की जा चुकी है।