25 से 29 मार्च तक पटना में सबसे बड़ी चेस रेटिंग प्रतियोगिता, रूस-जिंबाब्वे और नेपाल के दिग्गज खिलाड़ी हो रहे शामिल भतीजे ने पैर छुकर आशीर्वाद लिया तो नरम हो गये पशुपति पारस, कहा..खून का रिश्ता कभी समाप्त नहीं हो सकता बिहार में अपराधियों का तांडव जारी, पूर्व मंत्री के करीबी की गोली मारकर हत्या, रोते हुए BJP नेता ने की कार्रवाई की मांग बेगूसराय में 12 घंटे में तीसरी वारदात, नाबालिग छात्र आयुष की गोली मारकर हत्या दो सगे भाइयों से शादी रचाने वाली महिला प्रेग्नेंट, घर में आने वाला है नया मेहमान बिहटा में पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजी कार्यशाला का सफल आयोजन, ग्रोथ हार्मोन थेरेपी पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी बेलगाम स्कॉर्पियो ने 2 युवतियों को रौंदा, मौत से गुस्साए लोगों ने किया सड़क जाम हंगामा बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा में गोल संस्थान का शानदार प्रदर्शन, कई छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए, कोचिंग के छात्रों ने मनाया सफलता का उत्सव बिहार में नहीं थम रहा भूमि विवाद का मामला, सासाराम में जमीन के लिए हत्या बिहार दिवस 2026: डॉ. एन. विजयलक्ष्मी की भरतनाट्यम प्रस्तुति ने बांधा समां, शक्ति आराधना और देशभक्ति का अद्भुत संगम
01-May-2024 05:49 PM
By Mayank Kumar
PATNA : राजधानी पटना से सटे बिहटा के अम्हारा में बुधवार को नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (NSMCH) के कैंपस स्थिति डिपार्मेंट आफ माइक्रोबायोलॉजी में मल्टीनेशनल कंपनी Biomerieux के द्वारा MIC के आधार पर मौजूदा एंटीबायोटिक का सही प्रयोग किए जाने के विषय पर कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मल्टीनेशनल कंपनी Biomerieux की टीम ने MIC के आधार पर मौजूदा एंटीबायोटिक के सही प्रयोग को लेकर सम्मानित चिकित्सकों को जागरुक करने का प्रयास किया गया। इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कंपनी के मेडिकल अफेयर्स मैनेजर और कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. विकास रंजन ने कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि यदि MIC के आधार पर मौजूदा उपयुक्त एंटीबायोटिक का सही प्रयोग किया जाता है तो बड़े पैमाने पर इसका लाभ मरीजों को मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि खासकर जो क्रिटिकल मरीज हैं, उनके इलाज के लिए इसका प्रयोग बेहद ही कारगर साबित होगा। जो मरीज ICU में भर्ती होते हैं, उनके इलाज में भी MIC के आधार पर उपयुक्त एंटीबायोटिक का प्रयोग करना कारगर साबित होगा। इस दौरान कॉन्फ्रेंस में मौजूद सम्मानित चिकित्सकों के प्रश्नों के उत्तर में कई तरह के डाउट्स को भी उन्होंने क्लियर किया। इस तरह जागरूकता कार्यक्रम के तहत कॉन्फ्रेंस में मौजूद सभी सम्मानित चिकित्सकों ने MIC के आधार पर उपयुक्त एंटीबायोटिक के सही इस्तेमाल को सही माना और संकल्प और सतर्कता के साथ इसका प्रयोग करने पर अपनी सहमति जताई।
कॉन्फ्रेंस के जरिए यह माना गया कि बगैर MIC के आधार पर एंटीबायोटिक का प्रयोग किया जाना कारगर साबित नहीं होगा। इस कार्यक्रम में NSMCH के डिप्टी डायरेक्टर डॉ अरविंद प्रसाद, प्राचार्य डॉक्टर अशोक शरण, डीन डॉक्टर हरिहर दीक्षित, मल्टीनेशनल कंपनी Biomerieux की टीम और कंपनी के रिप्रेजेंटेटिव लोकेश रंजन और इवेंट संचालक सह NSMCH के माइक्रोबायोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ मुकेश कुमार समेत तकरीबन 100 से अधिक चिकित्सकों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
