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09-May-2021 02:04 PM
PATNA : आरजेडी के दिवंगत पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को लेकर अब सियासत नई राह पकड़ने लगी है. शहाबुद्दीन के निधन के बाद उनके परिवार वाले और समर्थक के आरजेडी नेतृत्व से नाराज हैं. डैमेज कंट्रोल के लिए आज सुबह आरजेडी के विधायक रीतलाल यादव शहाबुद्दीन के पैतृक गांव प्रतापपुर पहुंचे थे और उनके बेटे ओसामा से मुलाकात की थी. लेकिन मुलाकात के बाद रीतलाल यादव ने कहा था कि वह दुख की इस घड़ी में परिवार वालों को सांत्वना देने आए थे.
अब शहाबुद्दीन के घर नीतीश कुमार के खासमखास और जेडीयू के एमएलसी राधाचरण साह पहुंचे हैं. राधाचरण साह जदयू के दूसरे नेताओं के साथ प्रतापपुर पहुंचे हैं और ओसामा से मुलाकात की है. एमएलसी राधाचरण साह के साथ जेडीयू के नेता और पूर्व विधायक बिजेंद्र यादव भी मौजूद हैं. ये दोनों नेता पहले राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के साथ थे लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव के समय इन्होंने पाला बदलकर नीतीश का दामन थाम लिया था.
ऐसे वक्त में जब मोहम्मद शहाबुद्दीन के परिवार वालों से मिलने या उनके गांव आरजेडी का कोई बड़ा नेता नहीं पहुंचा है और ना ही लालू परिवार का कोई सदस्य नीतीश कुमार की पार्टी के विधान परिषद का वहां पहुंचना. सुयसी मायने में काफी महत्वपूर्ण हो जाता है. शहाबुद्दीन की मौत के बाद उनके समर्थक लगातार आरजेडी नेतृत्व के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. हालांकि खुद शहाबुद्दीन के परिवार में अब तक कोई बयान नहीं दिया है और इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है. ऐसे में राधाचरण शाह का शहाबुद्दीन के परिजनों से मिलना, भविष्य की राजनीति का संकेत माना जा सकता है.
शहाबुद्दीन के गांव तेजस्वी के नहीं पहुंचने से चीजें उनके खिलाफ जा रही हैं. हालांकि रीतलाल यादव का आज प्रतापपुर पहुंचना इस बात का संकेत था कि कहीं ना कहीं तेजस्वी इस मामले में डैमेज कंट्रोल करना चाहते हैं. लेकिन यह किस हद तक हो पाया या अब तक साफ नहीं है. अब जेडीयू एमएलसी का प्रतापपुर पहुंचना और ओसामा से मुलाकात करना अगर भविष्य में नए राजनीतिक समीकरण तैयार करें तो इसमें कोई अचरज नहीं होगा.