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25-Mar-2021 05:51 PM
PATNA : बिहार के डीजीपी एस के सिंघल बिहार सरकार के मंत्री रामसूरत राय के शराब कारोबारी भाई की गिरफ्तारी के सवाल पर पत्रकारों पर ही भड़क गये. डीजीपी से आज पत्रकारों ने पूछा था-मंत्री के भाई की गिरफ्तारी कब होगी. जवाब मिला-आप लोग 24 घंटे में अधीर हो जाते हैं. एफआईआर हुई नहीं कि पूछने लगते हैं कि गिरफ्तारी कब होगी. वैसे, मंत्री के भाई औऱ भांजे के खिलाफ एफआईआर औऱ उनके कैंपस से शराब की बरामदगी साढ़े चार महीने पहले ही हुई थी. डीजीपी साहब कह रहे हैं कि गिरफ्तारी होगी लेकिन कब होगी इसका पता नहीं.
मंत्री के भाई औऱ भांजे को स्पेशल पुलिस ट्रीटमेंट
दरअसल मंत्री रामसूरत राय के भाई के कैंपस से पिछले नवंबर महीने में ही भारी मात्रा में शराब की बरामदगी हुई थी. इस मामले में मंत्री के भाई के साथ साथ उनके भांजे पर भी FIR दर्ज है. विधानसभा के सत्र में तेजस्वी यादव समेत पूरे विपक्ष ने मंत्री के भाई के खिलाफ दर्ज मामले पर कई दफे हंगामा किया था. सरकार ने मंत्री को क्लीन चिट दे दी थी. लेकिन उनके भाई औऱ भांजे को अभी तक पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है.
आज बिहार के डीजीपी एस के सिंघल औऱ गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे. पत्रकारों ने डीजीपी से सवाल पूछा कि मंत्री के आरोपी भाई की गिरफ्तारी कब होगी. डीजीपी एस के सिंघल बोले “मैं बस इतना ही कहूंगा कि गिरफ्तारी होगी, 100 परसेंट होगी. जो कायदे कानून सब पर लागू होते हैं वह उन पर भी लागू होगी.”
लेकिन पत्रकारों ने पूछा कि दूसरे लोगों को तो तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाता है मंत्री के भाई को क्यों नहीं. डीजीपी फिर बोले “आप बोल रहे हैं कि दवाब है, इस पर भी दस तरह के सवाल हो चुके हैं. जब मैं कह रहा हूं तो गिरफ्तारी के लिए थोड़ा समय दीजियेगा न. आप तो 24 घंटे में अधीर हो जाते हैं. एफआईआर होती नहीं कि पूछने लगते हैं कि गिरफ्तारी.” बाद में डीजीपी ने कहा कि मंत्री के भाई के खिलाफ दो सप्ताह पहले ही वारंट के लिए कोर्ट में अर्जी दी जा चुकी है.
डीजीपी ने खुद खोल दी सरकार की पोल?
वैसे डीजीपी ये नहीं बता पाये कि बिहार में शराब बरामदगी के कितने मामलों में पुलिस ने वारंट लेकर आरोपी को गिरफ्तार किया है. लेकिन मंत्री के भाई औऱ भांजे के लिए साढ़े चार महीने से अनुसंधान औऱ वारंट का इंतजार किया जा रहा है. डीजीपी पत्रकारों को 24 घंटे में अधीर नहीं होने की सलाह दे रहे थे. लेकिन सवाल ये उठता है कि शराब से जुड़े दूसरे मामलों में पुलिस तुरंत क्यों अधीर हो उठती है. शराब मिलने पर मकान को जब्त करने का कानून बनाने वाली सरकार मंत्री के भाई की संपत्ति क्यों नहीं जब्त कर पायी.
DGP खुद कह रहे हैं कि पुलिस दो सप्ताह पहले वारंट के लिए कोर्ट गयी है. केस दर्ज होने के चार महीने बाद वारंट के लिए अर्जी औऱ फिर वारंट का इंतजार. मंत्री के भाई औऱ भांजे के लिए पुलिस का खास इंतजाम सरकार पर गंभीर सवाल खडे कर रही है.