ब्रेकिंग न्यूज़

खगड़िया में गंगा कटाव रोकने के लिए लोगों ने किया उपवास, महिलाओं ने की गंगा मईया की पूजा बेगूसराय में संदिग्ध हालात में वृद्धा की मौत, परिजनों ने लगाया पीट-पीटकर हत्या का आरोप मुजफ्फरपुर में युवती की हत्या मामला, प्रेमी पर सिर में गोली मारने का आरोप, आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की दे रहा था धमकी बेगूसराय में युवक की निर्मम हत्या, पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर डाला एसिड पटना में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 4 लाख की लूट, हथियारबंद 4 बदमाशों ने घटना को दिया अंजाम सीएम की कुर्सी छोड़ेंगे नीतीश कुमार लेकिन रूतबा बढ़ेगा: उनका सुरक्षा घेरा औऱ मजबूत होगा, Z+ के साथ SSG कवर भी रहेगा, स्पेशल कमांडो होंगे तैनात अरवल में गैस लीकेज से लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 5 लोग झुलसे मुंगेर में ONLINE ट्रेडिंग के नाम पर ठगी, युवक ने गंवाए 11.69 लाख रुपये परिवहन विभाग के ESI को पुलिस ने किया गिरफ्तार, चेक पोस्ट पर वसूली की शिकायत पर SP ने कराया अरेस्ट मुंगेर में गैस की कालाबाजारी पर कार्रवाई, छापेमारी के दौरान 13 डोमेस्टिक सिलेंडर जब्त

Home / news / जीतन राम मांझी और उनके बेटे के कामों की जांच के निर्देश जारी,...

जीतन राम मांझी और उनके बेटे के कामों की जांच के निर्देश जारी, बोले मंत्री रत्नेश सदा ... सेक्रेटरी को दे दिया आदेश, जल्द सच आएगा सामने

08-Jul-2023 08:24 AM

By First Bihar

GAYA : बिहार सरकार के नए मंत्री रत्नेश सदा अपना पदभार संभालते हैं एक बहुत बड़ा निर्णय लिया है। अब एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। मंत्री रत्नेश सदा ने अपने सचिव को यह आदेश दिया है कि- आप इस बात की जानकारी निकाल कर दें कि संतोष सुमन के कार्यकाल में इस विभाग में कितना काम हुआ है और कितना काम पेंडिग रखा गया है। इस बात की भी किसी अन्य ने नहीं बल्कि मंत्री के खुद दी है। 


दरअसल, बिहार में महागठबंधन से बगावत कर अलग हुए जीतन राम मांझी व मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले संतोष सुमन के कामों की जांच अब सरकार करवाने जा रही है। इस बात की जानकारी राज्य के एससी-एसटी कल्याण विभाग के मंत्री रत्नेश सदा ने दी है। इन्होनें संतोष सुमन के इस्तीफे के बाद इस विभाग को बतौर मंत्री संभाला है। 


राज्य के एससी-एसटी कल्याण मंत्री रत्नेश सदा ने कहा है कि- पूर्व सीएम जीतन राम मांझी और मंत्री रहे उनके बेटे संतोष कुमार सुमन के कामकाज की जांच होगी। मंत्री ने कहा कि इस विभाग में दोनों पिता-पुत्र अरसे से मंत्री रहे हैं। अब हमने दोनों के कामकाज की जांच करने का आदेश अपने सेक्रेटरी को दे दिया है। मंत्री ने कहा कि, जल्द ही इनका सूफड़ा साफ कर देंगे। इन दोनों ने उस समाज के साथ धोखा किया है, जो सदियों से अंधेरे में था। 


आपको बताते चलें कि, अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण मंत्री बनने के बाद पहली बार गया पहुंचे रत्नेश सदा ने अपने विभाग में पूर्व के वर्षों में मंत्री रह चुके पूर्व सीएम जीतनराम मांझी व उनके बेटे विधान पार्षद सह पूर्व मंत्री डॉ संतोष कुमार सुमन के कामकाज की जांच कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद अगर इस वंचित समाज को कोई देखा, तो वह हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।