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22-Mar-2023 06:43 PM
By VISHWAJIT ANAND
PATNA: तमिलनाडु में बिहारियों पर हमले का फर्जी वीडियो बनाने के आरोपी यूट्यूबर मनीष कश्यप के एक और करीबी को गिरफ्तार कर लिया है. बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने उसे गिरफ्तार किया है. पुलिस कह रही है कि फर्जी वीडियो मामले में उसका भी हाथ था।
आर्थिक अपराध इकाई यानि EOU ने बुधवार को यूट्यूबर मनीष कश्यप के एक दोस्त नागेश कश्यप को गिरफ्तार किया है. पुलिस की ओर से ये कहा जा रहा है कि तमिलनाडु में बिहार मजदूरों हमले के फर्जी वीडियो साझा करने में नागेश का भी रोल था. ईओयू के एक अधिकारी ने गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपित की पहचान नागेश कश्यप के रूप में हुई है। तमिलनाडु प्रकरण में मनीष कश्यप की गिरफ्तारी के बाद नागेश कश्यप बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया पर उसके लिए प्रचार कर रहा था.
मनीष के कई और करीबी फंसेंगे
समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक ईओयू के अधिकारी ने बताया कि मनीष कश्यप के कई दोस्त हैं, जो सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो अपलोड करने और प्रचार करने में शामिल थे. उनमें से एक नागेश को अभी गिरफ्तार किया गया है. कई और लोगों की भूमिका की जांच चल रही है. नागेश से पूछताछ के बाद उसे जेल भेजा जायेगा.
रिमांड पर पूछताछ में मिले कई सुरॉग
ईओयू के एक अधिकारी ने बताया कि मनीष कश्यप से पूछताछ में कई सुराग मिले हैं. अदालत से मिली एक दिन की रिमांड पर ईओयू की टीम ने मनीष कश्यप से पूछताछ की. बिहार पुलिस की ईओयू के साथ साथ तमिलनाडु पुलिस की टीम ने उससे पूछताछ की है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक ईओयू मनीष कश्यप की रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए फिर से कोर्ट में जाएगी. ईओयू का कहना है कि मनीष कश्यप से कई मामलों पर पूछताछ करनी है जो एक दिन में पूरा नहीं पाया है. ईओयू कह रही है कि वह फर्जी वीडियो शेयर करने के उद्देश्य से लेकर पूरी साजिश का खुलासा करना चाहती है. इस नेटवर्क में और कौन से लोग शामिल हैं, ये भी पता करना जरूरी है.
मनीष कश्यप को कहां से मिले पैसे
ईओयू इस बात की भी छानबीन कर रही है कि मनीष कश्यप के पास पैसे कहां-कहां से आये. उसके तमाम वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है. ऐसे में एक दिन की रिमांड पुलिस को कम लग रही है. ईओयू कम से कम पांच से सात दिन की रिमांड चाहती है. उधर मनीष कश्यप के खातों की जांच करने के बाद आधा दर्जन कोचिंग संस्थानों को भी ईओयू ने नोटिस जारी किया है. इन कोचिंग संस्थानों ने मनीष कश्यप को पैसे दिये थे.
PATNA: तमिलनाडु में बिहारियों पर हमले का फर्जी वीडियो बनाने के आरोपी यूट्यूबर मनीष कश्यप के एक और करीबी को गिरफ्तार कर लिया है. बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने उसे गिरफ्तार किया है. पुलिस कह रही है कि फर्जी वीडियो मामले में उसका भी हाथ था।
आर्थिक अपराध इकाई यानि EOU ने बुधवार को यूट्यूबर मनीष कश्यप के एक दोस्त नागेश कश्यप को गिरफ्तार किया है. पुलिस की ओर से ये कहा जा रहा है कि तमिलनाडु में बिहार मजदूरों हमले के फर्जी वीडियो साझा करने में नागेश का भी रोल था. ईओयू के एक अधिकारी ने गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपित की पहचान नागेश कश्यप के रूप में हुई है। तमिलनाडु प्रकरण में मनीष कश्यप की गिरफ्तारी के बाद नागेश कश्यप बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया पर उसके लिए प्रचार कर रहा था.
मनीष के कई और करीबी फंसेंगे
समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक ईओयू के अधिकारी ने बताया कि मनीष कश्यप के कई दोस्त हैं, जो सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो अपलोड करने और प्रचार करने में शामिल थे. उनमें से एक नागेश को अभी गिरफ्तार किया गया है. कई और लोगों की भूमिका की जांच चल रही है. नागेश से पूछताछ के बाद उसे जेल भेजा जायेगा.
रिमांड पर पूछताछ में मिले कई सुरॉग
ईओयू के एक अधिकारी ने बताया कि मनीष कश्यप से पूछताछ में कई सुराग मिले हैं. अदालत से मिली एक दिन की रिमांड पर ईओयू की टीम ने मनीष कश्यप से पूछताछ की. बिहार पुलिस की ईओयू के साथ साथ तमिलनाडु पुलिस की टीम ने उससे पूछताछ की है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक ईओयू मनीष कश्यप की रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए फिर से कोर्ट में जाएगी. ईओयू का कहना है कि मनीष कश्यप से कई मामलों पर पूछताछ करनी है जो एक दिन में पूरा नहीं पाया है. ईओयू कह रही है कि वह फर्जी वीडियो शेयर करने के उद्देश्य से लेकर पूरी साजिश का खुलासा करना चाहती है. इस नेटवर्क में और कौन से लोग शामिल हैं, ये भी पता करना जरूरी है.
मनीष कश्यप को कहां से मिले पैसे
ईओयू इस बात की भी छानबीन कर रही है कि मनीष कश्यप के पास पैसे कहां-कहां से आये. उसके तमाम वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है. ऐसे में एक दिन की रिमांड पुलिस को कम लग रही है. ईओयू कम से कम पांच से सात दिन की रिमांड चाहती है. उधर मनीष कश्यप के खातों की जांच करने के बाद आधा दर्जन कोचिंग संस्थानों को भी ईओयू ने नोटिस जारी किया है. इन कोचिंग संस्थानों ने मनीष कश्यप को पैसे दिये थे.