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24-Jul-2023 09:44 PM
By Tahsin Ali
PURNEA: पूर्णिया में महिला मरीज की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। मौत से गुस्साएं लोगों ने भवानीपुर पीएचसी के डॉक्टर के साथ मारपीट की। इस घटना के विरोध में जीएमसीएच के डॉक्टरों ने ओपीडी और जनरल वार्ड का काम पूरी तरह से ठप कर दिया। जिसके कारण आम दिनों की तरह ओपीडी के बाहर लगने वाली लंबी कतार नहीं दिखी। लोग इलाज के लिए इधर उधर भटकते रहे। सुबह से दोपहर तक डॉक्टर ओपीडी और वार्ड से नदारद रहे। वहीं इमरजेंसी वार्ड का कामकाज भी काफी देर तक बाधित रहा।
जिसकी वजह से इमरजेंसी वार्ड में एडमिट होने वाले मरीज और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इलाज के अभाव में मरीज की तबीयत बिगड़ गयी। परिजन मरीज के इलाज के लिए अस्पताल का चक्कर काटते दिखने लगे। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग नाराज डॉक्टरों ने जिला प्रशासन से की है और जिले के स्वास्थ्य महकमे से जुड़े अधिकारियों को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
वहीं अचानक से डॉक्टरों के अघोषित स्ट्राइक पर चले जाने से जीएमसीएच इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीज और उनके परिजन सुबह से देर दोपहर तक एक वार्ड से दूसरे वार्ड चक्कर काटते दिखे। आम दिनों की तरह ओपीडी के बाहर लगने वाली कतारें गायब दिखीं। डॉक्टर अपने चेंबर से नदारद दिखें। कुछ ऐसा ही नजारा जनरल वार्ड समेत कई दूसरे वार्ड का रहा। इमरजेंसी वार्ड के बाहर लोगों की भीड़ लगी रही। अघोषित स्ट्राइक की वजह से जीएचसीएच में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीज और परिजन पूरे दिन परेशान रहे।
मरीज के इलाज के लिए जीएमसी पहुंचे परिजन ने बताया कि इलाज में लिए ओपीडी के लाइनों में खड़े रहे। पुर्जी कटवाया लेकिन जब डॉक्टर से दिखाने की बारी आई तो डॉक्टर ओपीडी से नदारद रहे। डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने की बात कही गई। इसके बाद धीरे-धीरे इलाज के लिए लाइन में खड़े लोग वापस अपने-अपने घर लौट गए। वार्ड में डॉक्टरों के ना होने से जुड़े सवाल पूछने पर उन्हें डॉक्टरों के स्ट्राइक पर जाने की बात बताई गयी।
अचानक से डॉक्टर के अघोषित स्ट्राइक पर चले जाने से उन्हें व उनके मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया से बातचीत करते हुए जिले के सिविल सर्जन डॉक्टर अभय कुमार ठाकुर ने बताया कि प्रसूता की मौत के लेकर जिस प्रकार डॉक्टरों से मारपीट की गई और अस्पताल में परिजनों की ओर से तोड़फोड़ किया गया। ये निंदनीय है। वे प्रसूता जिनकी मौत हो गई उनके भी साथ हैं और जिस वरीय डॉक्टर की पिटाई की गई। उनके साथ भी हैं। नाराज डॉक्टर इस मारपीट के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि डॉक्टरों से इस बात का ध्यान रखने की
PURNEA: पूर्णिया में महिला मरीज की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। मौत से गुस्साएं लोगों ने भवानीपुर पीएचसी के डॉक्टर के साथ मारपीट की। इस घटना के विरोध में जीएमसीएच के डॉक्टरों ने ओपीडी और जनरल वार्ड का काम पूरी तरह से ठप कर दिया। जिसके कारण आम दिनों की तरह ओपीडी के बाहर लगने वाली लंबी कतार नहीं दिखी। लोग इलाज के लिए इधर उधर भटकते रहे। सुबह से दोपहर तक डॉक्टर ओपीडी और वार्ड से नदारद रहे। वहीं इमरजेंसी वार्ड का कामकाज भी काफी देर तक बाधित रहा।
जिसकी वजह से इमरजेंसी वार्ड में एडमिट होने वाले मरीज और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इलाज के अभाव में मरीज की तबीयत बिगड़ गयी। परिजन मरीज के इलाज के लिए अस्पताल का चक्कर काटते दिखने लगे। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग नाराज डॉक्टरों ने जिला प्रशासन से की है और जिले के स्वास्थ्य महकमे से जुड़े अधिकारियों को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
वहीं अचानक से डॉक्टरों के अघोषित स्ट्राइक पर चले जाने से जीएमसीएच इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीज और उनके परिजन सुबह से देर दोपहर तक एक वार्ड से दूसरे वार्ड चक्कर काटते दिखे। आम दिनों की तरह ओपीडी के बाहर लगने वाली कतारें गायब दिखीं। डॉक्टर अपने चेंबर से नदारद दिखें। कुछ ऐसा ही नजारा जनरल वार्ड समेत कई दूसरे वार्ड का रहा। इमरजेंसी वार्ड के बाहर लोगों की भीड़ लगी रही। अघोषित स्ट्राइक की वजह से जीएचसीएच में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीज और परिजन पूरे दिन परेशान रहे।
मरीज के इलाज के लिए जीएमसी पहुंचे परिजन ने बताया कि इलाज में लिए ओपीडी के लाइनों में खड़े रहे। पुर्जी कटवाया लेकिन जब डॉक्टर से दिखाने की बारी आई तो डॉक्टर ओपीडी से नदारद रहे। डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने की बात कही गई। इसके बाद धीरे-धीरे इलाज के लिए लाइन में खड़े लोग वापस अपने-अपने घर लौट गए। वार्ड में डॉक्टरों के ना होने से जुड़े सवाल पूछने पर उन्हें डॉक्टरों के स्ट्राइक पर जाने की बात बताई गयी।
अचानक से डॉक्टर के अघोषित स्ट्राइक पर चले जाने से उन्हें व उनके मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया से बातचीत करते हुए जिले के सिविल सर्जन डॉक्टर अभय कुमार ठाकुर ने बताया कि प्रसूता की मौत के लेकर जिस प्रकार डॉक्टरों से मारपीट की गई और अस्पताल में परिजनों की ओर से तोड़फोड़ किया गया। ये निंदनीय है। वे प्रसूता जिनकी मौत हो गई उनके भी साथ हैं और जिस वरीय डॉक्टर की पिटाई की गई। उनके साथ भी हैं। नाराज डॉक्टर इस मारपीट के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि डॉक्टरों से इस बात का ध्यान रखने की