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15-Dec-2022 02:44 PM
PATNA: छपरा में जहरीली शराब से अबतक 40 से अधिक लोगों की मौते हो चुकी हैं। एक साथ इतने लोगों की मौत को लेकर बिहार का सियासी पारा गरम हो चुका है। बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में बीजेपी के विधायक इसके खिलाफ सरकार को पूरजोर तरीके से घेरने की कोशिश में लगे हैं। बिहार विधानसभा के साथ साथ संसद में भी छपरा जहरीली शराब कांड का मुद्दा उठा। पश्चिम चंपारण से सांसद और बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने नीतीश सरकार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि बिहार में अबतक सरकार प्रायोजित 37 हत्याएं हो चुकी है और मुख्यमंत्री कहते हैं कि जो शराब पिएगा वो मरेगा।
लोकसभा में छपरा जहरीली शराबकांड का मुद्दा उठाते हुए संजय जायसवाल ने कहा कि बिहार में सरकार द्वारा प्रायोजित 37 हत्याएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी है और 2016 से लगातार बीजेपी इस बात को कहती रही है कि बिहार में पुलिस की मिलीभगत से जहरीली शराब बनाई जा रही है और उसे पूरे बिहार में घर-घर पहुंचाया जा रहा है। लोगों की मौते हो रही हैं बावजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसका संज्ञान नहीं लेते हैं और कहते हैं कि जो शराब पियेगा मरेगा, जो शराब पिलाएगा वो मरेगा, जो शराब पिएगा जेल जाएगा और जो शराब बेचेगा वह हमारा टिकट पाएगा।
उन्होंने कहा कि शराब से हो रही मौतों के मामले में आजतक किसी भी बड़े अफसर पर कार्रवाई नहीं हुई। इन हत्याओं की जिम्मेवार बिहार सरकार है। उन्होंने लोकसभा में बताया कि सरकार की विफलता के कारण बिहार में अबतक इस तरह की 15 से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा हर दिन 3-4 लोगों की हत्याएं हो रही हैं। शराब से हुई मौतों को पुलिस छिपाने की कोशिश करती है और मृतकों के परिजनों को धमकाती है कि अगर उन्होंने शराब पीने से मौत की बात कही तो उनके पूरे खानदान को जेल भेज दिया जाएगा।
विधानसभा में जब विपक्षी दल इस मुद्दे को उठाते हैं तो मुख्यमंत्री तुम-तड़ाक पर उतर जाते हैं। नीतीश कुमार जिस तरह विधानसभा में बात करते हैं वह मानसिक संतुलन खो चुके हैं, केंद्र सरकार को बिहार की कानून व्यवस्था पर संज्ञान लेना चाहिए और इन 37 हत्याओं की जिम्मेवार महागठबंधन की बिहार सरकार के ऊपर शीघ्र कार्रवाई भी करनी चाहिए। इसके साथ ही उन पुलिस अफसरों पर कार्रवाई करनी चाहिए जो शराब बेचने वाले हैं वो सैकड़ों करोड़ कमा चुके हैं।