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06-Sep-2024 08:13 AM
By First Bihar
PATNA : बिहार के नए मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा एक्शन में हैं। उन्होंने अनुसंधान के लिए लंबित मामलों में से 60 फीसदी का निपटारा छह माह में करने का निर्देश दिया है। वे आला अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग से बैठक कर रहे थे। बैठक में सूबे की विधि व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई और उसकी अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। विधि व्यवस्था के संधारण को लेकर मुख्य सचिव काफी गंभीर हैं।
वहीं, मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि हर दो माह में इस तरह की बैठक होगी। साथ ही दिए गए निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा होगी। बैठक में डीजीपी, गृह विभाग के प्रधान सचिव, एससी-एसटी कल्याण विभाग के सचिव व अपर पुलिस महानिदेशक के अलावा सभी प्रमंडलीय आयुक्त, आईजी, डीआईजी, डीएम, एसएसपी, एसपी शामिल थे। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अनुसंधान के लिए लंबित मामलों में तेजी लाने का निर्देश दिया।
मालूम हो कि, इस समय राज्य भर में लगभग 2.67 लाख मामले लंबित हैं। इन्हें छह माह में एक लाख तक लाने को कहा गया। छह माह में 1.67 लाख मामलों का निपटारा करना है। बैठक में यह बात सामने आई कि राज्य में अनुसंधान अधिकारियों की संख्या में अपेक्षित बढ़ोतरी हुई है। पहले महज आठ हजार अनुसंधान अधिकारी थे, जो आज बढ़कर 23 हजार हो चुके हैं। ऐसे में लंबित मामलों का निपटारा तय लक्ष्य के अनुरूप किया जाए।
उधर, इस बैठक में स्पीडी ट्रायल पर भी चर्चा हुई और इसे और तेज करने का निर्देश दिया गया। सभी जिलाधिकारियों व एसपी ने इसको लेकर एक्शन प्लान बनाया है। इसके अंतर्गत आने वाले समय में समन्वय सुनिश्चित करते हुए स्पीडी ट्रायल में सुधार का आश्वासन दिया गया। मुख्य सचिव ने विभिन्न थानों में लंबित 86 हजार गैर जमानती वारंट का तामिला शीघ्र कराने का भी निर्देश दिया।