ब्रेकिंग न्यूज़

सहरसा कोर्ट का अनोखा फैसला: फर्जी दस्तावेज मामले में आरोपी को मिली जमानत, 6 महीने मंदिर में सेवा की शर्त महाशिवरात्रि और होली से पूर्व हाई अलर्ट: डीजे पर रोक शराबबंदी पर सख्ती बिहार में सिलेंडर हादसा: भांजे की छठ्ठी में मधुबनी में मामा झुलसा, गयाजी में धमाके से 3 घर जलकर राख मोतिहारी में सूखा नशा के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, स्मैक-गांजा के साथ महिला गिरफ्तार होली को लेकर एक्शन में पुलिस, सिविल ड्रेस में शराब तस्करों के ठिकानों पर कर रही रेड, जमुई में बाप-बेटे को दबोचा बिहार में अपराधियों का तांडव: समस्तीपुर में ज्वेलरी शॉप में करोड़ों की लूट, फायरिंग करते फरार हुए अपराधी प्रेमचंद रंगशाला में ‘सरगम’ की गूंज: श्रैफिकुलम विद्या बोधि स्कूल का भव्य वार्षिक समारोह Bihar Crime News: बिहार में दिनदहाड़े 10 लाख के ज्वेलरी की चोरी, बदमाशों ने बाइक की डिक्की से उड़ाए गहने Bihar Crime News: बिहार में दिनदहाड़े 10 लाख के ज्वेलरी की चोरी, बदमाशों ने बाइक की डिक्की से उड़ाए गहने ‘प्रेग्नेंट करो और पैसे कमाओ’, बिहार में साइबर अपराधियों का हैरान करने वाला ऑफर; युवकों को भेजते थे हॉट महिलाओं की तस्वीर

लालू के करीबी MLC को नोटिस नहीं लेती जदयू, बोले नीतीश के मंत्री - सुनील सिंह को हम लोग नहीं जानते

लालू के करीबी MLC को नोटिस नहीं लेती जदयू, बोले नीतीश के मंत्री - सुनील सिंह को हम लोग नहीं जानते

07-Jul-2023 01:20 PM

By VISHWAJIT ANAND

PATNA : आरजेडी के बहुत लोग केके पाठक को लेकर कुछ नहीं कह रहे हैं बल्कि सिर्फ एक लोग कह रहे हैं उनका कुछ पर्सनल एजेंडा होगा। हमलोग नहीं जानते हैं उनको। सुनील सिंह को बहुत बड़े नेता तो नहीं है तो हम लोग सुनील सिंह को क्यों नोटिस लें। यह बातें नीतीश कुमार के मंत्री अशोक चौधरी ने कही है।


दरअसल, बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी से जब यह सवाल किया गया कि शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर और अपर मुख्य सचिव के के पाठक को लेकर जो विवाद हुआ है। उसके बाद नीतीश लालू के बेहद करीबी माने जाने वाले एमएलसी सुनील सिंह ने उनसे इस्तीफे की मांग की है। अब इसी सवाल का जवाब देते हुए अशोक चौधरी ने कहा कि - सुनील सिंह ही मात्र एक आरजेडी के लीडर तो नहीं है। इनके अलावा भी बहुत सारे लीडर है। हम लोग उनके बयान पर ध्यान नहीं देते हैं। उनके बयान का कोई अर्थ नहीं है। अगर इस मामले में लालू यादव यार आपने देवी कुछ बोलती तो इंपॉर्टेंट था ना कि सुनील सिंह कुछ बोलते तो वह इंपॉर्टेंट है।


वहीं, मंत्री से जब यह सवाल किया गया कि अधिकारी बड़ा होता है या विभाग के मंत्री तो इसके जवाब में मंत्री ने कहा कि- बात बड़ा यह छोटा का नहीं है। एक रथ के दो पहिए होते हैं और दोनों का रहना जरूरी होता है। शिक्षा मंत्री और केके पाठक का कोई मुद्दा नहीं है। हरेक घर में कभी न कभी बाप और बेटे में कंफ्यूजन हो जाता है। इनके बीच भी कोई कंफ्यूजन रहा होगा।लेकिन, सब कन्फ्यूजन शॉट कर लिया जाएगा। नीतीश कुमार के रहते कोई कंफ्यूजन का सवाल ही नहीं है। मंत्री और अधिकारी रथ के दो पहिए हैं। दोनों अपनी -अपनी जगह पर महत्वपूर्ण है।हम पॉलिसी बनाते हैं और उसको आईएएस ऑफिसर इंप्लीमेंट करते हैं। यह मेरी जवाबदेही है कि- हमलोग एक टीम बना करके चले।


इधर, विपक्षी एकता की बैठक को लेकर नीतीश कैबिनेट के मंत्री ने कहा कि, 17 और 18 को बेंगलुरु में विपक्षी एकता के दूसरे चरण की बैठक होने वाली है। जितने लोग पटना में मौजूद थे वह लोग वहां भी मौजूद रहेंगे।मुख्यमंत्री बिहार से निकलकर के हर एक जगह जाकर के तमाम विपक्षी नेताओं से मुलाकात किया है उसके बाद अब पहले चरण की बैठक सफल रही है। इसके बाद 2024 में मैक्सिमम जगह पर  विपक्ष का एक कैंडिडेट हो उस पर काम किया जा रहा है।