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23-Oct-2020 05:08 PM
PATNA : बिहार चुनाव में आज पहली बार एंट्री मारने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा से आज जेडीयू को ढेर सारी उम्मीदें थी. सबसे बड़ी उम्मीद ये थी कि नरेंद्र मोदी चिराग पासवान को लेकर अपना रूख साफ करेंगे. लेकिन शायद हनुमान चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री के आने से पहले ही ऐसा जाल बिछाया था कि राम उसी में फंस कर रह गये. प्रधानमंत्री ने रामविलास पासवान को शिद्दत से याद किया लेकिन चिराग पासवान पर एक शब्द नहीं बोला.
हनुमान के जाल में फंस गये राम?
दरअसल प्रधानमंत्री के बिहार दौरे से पहले चिराग पासवान ने कई ट्वीट किये थे. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा था कि वे जानते हैं कि नरेंद्र मोदी पर नीतीश कुमार का दबाव है. नीतीश कुमार चाहते हैं कि प्रधानमंत्री चिराग पासवान के खिलाफ बोलें. इसलिए प्रधानमंत्री अपने बिहार दौरे में उनके खिलाफ बोलने से नहीं हिचकिचायें. चिराग पासवान ने कहा कि नरेंद्र मोदी उनके दिल में हैं. इससे पहले चिराग पासवान ने कहा था कि वे नरेंद्र मोदी के हनुमान हैं. कोई उनका सीना चीर कर देखे तो उसमें राम रूपी नरेंद्र मोदी ही नजर आयेंगे.
प्रधानमंत्री को रामविलास पासवान याद आये
बिहार की पहली सभा में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रामविलास पासवान याद आयें. सासाराम की सभा में नरेंद्र मोदी ने कहा कि रामविलास पासवान आखिरी सांस तक उनके साथ रहे. लेकिन उसके बाद उन्होंने चिराग या लोजपा की कोई चर्चा नहीं की.
तो क्या सारे ऑप्शन खोल कर रखना चाहते हैं मोदी
मोदी ही नहीं बल्कि बीजेपी के तमाम नेता रामविलास पासवान को शिद्दत से याद कर रहे हैं. मामला पासवान वोटरो का है जिसकी तादाद अच्छी खासी है. बीजेपी के नेता पासवान वोट बैंक को नाराज नहीं करना चाहते.
वहीं दूसरा मामला ये भी हो सकता है कि प्रधानमंत्री उस स्थिति की कल्पना कर रहे हों जब बिहार में किसी गठबंधन को बहुमत नहीं मिले. तब चिराग पासवान का रोल अहम हो जायेगा. बीजेपी चिराग पासवान से उस हद तक रिश्ता नहीं बिगाड़ना चाहती कि बाद में दोस्ती हो ही नहीं पाये.