ब्रेकिंग
Bihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटBihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योग, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमBihar Tender Scam : टेंडर घोटाले में बड़ा खुलासा! SVU के सामने आरोपी रिशुश्री ने खोले कई राज, कहा - सरकारी काम में लेनदेन जरूरी, कई सवालों पर साधी चुप्पीBihar weather: पटना समेत बिहार में मौसम का डबल अटैक! कहीं लू तो कहीं तेज बारिश और बिजली गिरने का खतराBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटBihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योग, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमBihar Tender Scam : टेंडर घोटाले में बड़ा खुलासा! SVU के सामने आरोपी रिशुश्री ने खोले कई राज, कहा - सरकारी काम में लेनदेन जरूरी, कई सवालों पर साधी चुप्पीBihar weather: पटना समेत बिहार में मौसम का डबल अटैक! कहीं लू तो कहीं तेज बारिश और बिजली गिरने का खतरा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का चौथा चरण, भागलपुर को मिली 441.32 करोड़ की योजनाओं की सौगात

Samrddhi Yaatra: भागलपुर जिले में ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को 144 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और जल आपूर्ति जैसी परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी कि

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का चौथा चरण, भागलपुर को मिली 441.32 करोड़ की योजनाओं की सौगात
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

Samrddhi Yaatra: बिहार के भागलपुर जिले में विकास कार्यों को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने मंगलवार को 441.32 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं की सौगात दी। ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत आयोजित इस दौरे में मुख्यमंत्री ने एक साथ 144 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कर जिले के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की।


जगदीशपुर प्रखंड के बैजानी पंचायत में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से 88 योजनाओं का उद्घाटन और 56 योजनाओं का शिलान्यास किया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उद्घाटन की गई योजनाओं पर 170.61 करोड़ रुपये की लागत आई है, जबकि 270.70 करोड़ रुपये की योजनाओं की आधारशिला रखी गई है। इन योजनाओं के पूरा होने से जिले में बुनियादी सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।


मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान विभिन्न परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी किया। बैजानी पंचायत में उन्होंने मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि आम लोगों को इनका पूरा लाभ मिल सके।


भागलपुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने रास्ते में चल रहे विकास कार्यों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भागलपुर-बौंसी रेलवे लाइन पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का जायजा लिया और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के साथ उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया।


इस दौरे में जिन योजनाओं का उद्घाटन किया गया, उनमें पंचायत स्तर पर बुनियादी ढांचे के विकास, ग्रामीण सड़कों के निर्माण, शिक्षा संस्थानों के सुदृढ़ीकरण, भवन निर्माण और जल संसाधन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। वहीं, जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया, उनमें विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने, सामाजिक कल्याण, तथा आधारभूत संरचना के विस्तार से संबंधित परियोजनाएं प्रमुख हैं।


इसके अतिरिक्त, टीएनबी कॉलेज परिसर में 100 बेड के बालिका छात्रावास का निर्माण और जलापूर्ति योजना फेज-1 जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट भी इस दौरे के दौरान चर्चा में रहे। इन परियोजनाओं के शुरू होने से शिक्षा और पेयजल की सुविधा में सुधार होने की संभावना है।


स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इन योजनाओं के क्रियान्वयन से भागलपुर जिले में विकास कार्यों को गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहतर होगी। विशेष रूप से सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद की जा रही है।


कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों की उपस्थिति में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी योजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए और कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए।