IRCTC fine : पटना- टाटा वंदे भारत में यात्रियों को परोसा गया खराब खाना, अब रेलवे ने लिया एक्शन; IRCTC और वेंडर पर लगाया लाखों का जुर्माना Bihar school : बिहार के स्कूलों में अब हर सुबह राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ से होगी शुरुआत – जानें नए निर्देश और नियम बाढ़ में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में खाली रह गई कुर्सियां, प्रचार-प्रसार को लेकर प्रशासन पर उठ रहे सवाल UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू हो मंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लास मुंगेर के स्कूल में बड़ी चोरी: ताले तोड़कर लाखों की संपत्ति को पहुंचाया नुकसान, निर्माण सामग्री भी किया गायब मुजफ्फरपुर में रामनवमी को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी पटना लूट कांड का खुलासा: 20 लाख लूट मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तार पटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंध
23-Apr-2024 10:41 AM
By RAKESH KUMAR
ARA : किसी ने सच ही कहा है कि भगवान जब देता है तो छप्पर फाड़कर देता है। कुछ इसी तरह का वाक्या बिहार के रहने वाले एक युवक के साथ हुआ है। कल तक जो एक-एक पैसे के लिए मोहताज था, आज करोड़पति बन गया है। यह चमत्कार हुआ है आरा के रहने वाले दीपू ओझा के साथ। पेशे से एक गराज में मैकेनिक का काम करने वाले दीपू की किस्मत ने उसे फर्श से उठाकर अर्श पर पहुंचा दिया है। करोड़पति बने दीपू के परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं है। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
दरअसल, उदवंतनगर प्रखंड के कोहड़ा गांव निवासी योगेंद्र ओझा का बेटा है दीपू ओझा। जो मोबाइल पर गेम खेलकर करोड़पति बन गया है। रविवार को केकेआर और आरसीबी के बीच ड्रीम-11 पर उसने टीम बनाई थी। जिसमें वह डेढ़ करोड़ की राशि जीत गया। टैक्स काटकर दीपू के खाते में जीती गई राशि ट्रांसफर कर दी गई है। दीपू ओझा ने बताया कि वह पिछले 6 महीना से ड्रीम-11 पर टीम बनाता रहा है। हालांकि उसे क्रिकेट या क्रिकेटरों के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं है। तुक्के पर ही वह टीम बनाता था और इस मैच में भी उसने तुक्का लगाया और डेढ़ करोड़ की राशि जीतने में सफल रहा।
दीपू ने बताया कि आंद्रे रसल को उसने टीम का कप्तान बनाया था। उसके सबसे ज्यादा पॉइंट उसे मिले हैं। दीपू पेशे से एक गैराज मेकैनिक है। कल शाम में कुछ काम नहीं था और पास में 60 रुपये थे। उस पैसे से बच्चों के लिए दूध ले जाना था। इसके बावजूद उसने टीम बनाकर दूध का पैसा उसमें लगा दिया और जब घर आया तबतक मैच खत्म हो चुका था। उसी समय पता चला कि वह विजेता बन गया है। उसे जब विश्वास नहीं हुआ तो अन्य कई लोगों से उसने एप्प को दिखाया। जब कई लोगों ने उसे देखा तब जाकर विश्वास हुआ कि वह डेढ़ करोड़ रुपये जीत चुका है।
सिर्फ 8वीं पास दीपू ओझा ने बताया कि मां और पापा अभी घर से बाहर गए हुए हैं। जब वह लोग आ जाएंगे तब सबके सलाह से इन पैसों को खर्च करने की प्लानिंग करेंगे। बता दें कि इससे पहले बिहार के आरा के ही एक युवक ने ऑनलाइन गेमिंग एप ड्रीम-11 से एक करोड़ रुपए जीते थे। आरा जिले के चरपोखरी प्रखंड के ठकुरी गांव के रहने वाले वेंकटेश सिंह के पुत्र सौरभ कुमार ड्रीम-11 के विजेता बने थे। सौरभ कुमार एक साल से ड्रीम-11 पर टीम बनाकर जीतने की कोशिश कर रहे था।
