सहरसा कोर्ट का अनोखा फैसला: फर्जी दस्तावेज मामले में आरोपी को मिली जमानत, 6 महीने मंदिर में सेवा की शर्त महाशिवरात्रि और होली से पूर्व हाई अलर्ट: डीजे पर रोक शराबबंदी पर सख्ती बिहार में सिलेंडर हादसा: भांजे की छठ्ठी में मधुबनी में मामा झुलसा, गयाजी में धमाके से 3 घर जलकर राख मोतिहारी में सूखा नशा के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, स्मैक-गांजा के साथ महिला गिरफ्तार होली को लेकर एक्शन में पुलिस, सिविल ड्रेस में शराब तस्करों के ठिकानों पर कर रही रेड, जमुई में बाप-बेटे को दबोचा बिहार में अपराधियों का तांडव: समस्तीपुर में ज्वेलरी शॉप में करोड़ों की लूट, फायरिंग करते फरार हुए अपराधी प्रेमचंद रंगशाला में ‘सरगम’ की गूंज: श्रैफिकुलम विद्या बोधि स्कूल का भव्य वार्षिक समारोह Bihar Crime News: बिहार में दिनदहाड़े 10 लाख के ज्वेलरी की चोरी, बदमाशों ने बाइक की डिक्की से उड़ाए गहने Bihar Crime News: बिहार में दिनदहाड़े 10 लाख के ज्वेलरी की चोरी, बदमाशों ने बाइक की डिक्की से उड़ाए गहने ‘प्रेग्नेंट करो और पैसे कमाओ’, बिहार में साइबर अपराधियों का हैरान करने वाला ऑफर; युवकों को भेजते थे हॉट महिलाओं की तस्वीर
21-Jul-2023 10:03 AM
By First Bihar
PATNA : शिक्षा विभाग के नए अवर मुख्य सचिव के के पाठक अपने फरमान को लेकर लगातार सुर्खियों में बने रहते हैं। इसी कड़ी में अब एक ताजा मामला राजकीय कॉलेजों से जुड़ा हुआ है। पाठक ने इस आदेश के बाद इस बार फिर से राज्य के सभी कॉलेज में हड़कंप की स्थिति बन गई है। इस आदेश को लेकर चर्चा का बाजार तेज हो गया है।
दरअसल, शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव केके पाठक ने एक नया आदेश जारी किया है इस आदेश में कहा गया कि वैसे कॉलेज जहां स्टूडेंट की संख्या महज नाम मात्र की है उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। इसको लेकर सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों को आदेश जारी किया गया है। पाठक के इस आदेश के बाद उन कॉलेज की चिंता बढ़ गई है जहां सिर्फ एग्जाम के समय ही स्टूडेंटों की मौजूदगी नजर आती है।
बताया जा रहा कि, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक ने बीते शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी कुलपतियों के साथ बैठक की, इसी बैठक में पाठक ने क्या आदेश दिया कि वह से कॉलेज जो महज कागजों पर चल रहा है उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। इतना ही नहीं पाठक ने एफिलिएटिड अल्पसंख्यक कॉलेज के लिए भी यह निर्देश जारी किया है। पाठक ने सीधे तौर पर कहा कि कागजों पर ही बस स्टूडेंट को दिखाने वाले एफिलेटेड अल्पसंख्यक कॉलेज को रद्द करने का भी आदेश दिया गया है। इसको लेकर आईएएस के के पाठक ने उपस्थिति की जानकारी की भी मांगा की है।
वहीं, शिक्षा अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने कुलपतियों को कहा है कि सभी मान्यता प्राप्त कॉलेज के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों का अटेंडेंस सीट दोपहर तीन बजे तक शिक्षा विभाग को भेजे। अटेंडेंस सीट उपलब्ध नहीं किए जाने पर कार्रवाई करने की बात कही गई है। वर्तमान में बिहार में कुल 227 एफ्लिएटेंड कॉलेज हैं। अब इन कॉलेज पर के के पाठक के आदेश की तलवार खींच गई है।
आपको बताते चलें कि, आईएएस के के पाठक ने सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे एमजेएमसी केस को निपटारा कराए। इसके लिए उन्होंने 22 जुलाई का डेडलाइन दिया। शिक्षा अपर मुख्य सचिव ने कुलपतियों को कहा है कि कोर्ट से जुड़ी एमजेएमसी केस का निपटारा अनिवार्य रूप से करें। एमजेएमसी का निपटारा नहीं किए जाने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।