ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar News: इंस्टाग्राम से शुरू हुआ प्यार थाने होते हुए मंदिर तक पहुंचा, बिहार में ‘पकड़ौआ विवाह’ को लेकर बवाल Bihar Crime News: नेपाल के रास्ते बिहार पहुंच रहे पाकिस्तान में छपे जाली भारतीय नोट, STF ने बड़े नेटवर्क का किया खुलासा Bihar Crime News: नेपाल के रास्ते बिहार पहुंच रहे पाकिस्तान में छपे जाली भारतीय नोट, STF ने बड़े नेटवर्क का किया खुलासा Bihar Crime News: बिहार में महज 65 दिन में टूट गया सात जन्मों का बंधन, नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से सनसनी Bihar Crime News: बिहार में महज 65 दिन में टूट गया सात जन्मों का बंधन, नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से सनसनी Bihar Bhumi: एक जमीन पर दो खतियान का खेल खत्म, सरकार ने सभी समाहर्ताओं से कहा– सरकारी भूमि पर मालिकाना हक का दावा करने वालों को 'स्वामित्व' का प्रमाण देना होगा..नोटिस जारी करने का आदेश Sorry Papa.. गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर दे दी जान, सुसाइड नोट में लिखी दिल की बात Sorry Papa.. गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर दे दी जान, सुसाइड नोट में लिखी दिल की बात Bihar Bhumi Survey: बिहार में 'भूमि सर्वे' को लेकर तय हुई समय सीमा, सरकार का ऐलान- अब नहीं चलेगी ढिलाई Bihar News: बिहार में ट्रक ने कार में मारी जोरदार टक्कर, सामने आया दिल दहलाने वाला वीडियो; देखिए..

जल्द मिलेगा RSS को नया सरकार्यवाह, तीन दिवसीय बैठक में होगा तय

जल्द मिलेगा RSS को नया सरकार्यवाह, तीन दिवसीय बैठक में होगा तय

09-Feb-2024 07:22 AM

By First Bihar

DESK : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अगले सरकार्यवाह कौन होंगे? अगले महीने तय हो जाएगा। 15 मार्च से नागपुर में प्रस्तावित तीन दिवसीय बैठक के दूसरे दिन नए सरकार्यवाह का चुनाव होगा। इस चुनावी प्रक्रिया में मतदाता के रूप में सभी प्रांतों से चुन कर आए स्वयंसेवकों के निर्वाचित प्रतिनिधि और सभी प्रांत व क्षेत्र संघचालक भाग लेंगे।


दरअसल, आरएसएस में प्रत्येक तीन वर्षों पर निर्वाचन होता है। सबसे पहले जिला संघचालक, फिर विभाग संघचालक और प्रांत संघचालक का निर्वाचन होता है। यह प्रक्रिया देश के सभी प्रांतों में पूरी कर ली गई है। क्षेत्र संघचालक का निर्वाचन प्रतिनिधि सभा की बैठक में पहले दिन ही किया जाता है।


वहीं, निर्वाचन से पहले पदाधिकारी को तय करके की जिम्मेदारीउन स्वयंसेवक पर होती हैं, जो निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ होने से एक वर्ष पूर्व तक सक्रिय रहे हों और नियमित शाखा जाते हों या संघ की ओर से जो कार्य सौंपा जाए, उसे पूरा करते हों और संघ कार्य करने के लिए प्रतिज्ञा लिए हों। ऐसे 50 स्वयंसेवकों पर एक शाखा प्रतिनिधि चुने जाते हैं।



सभी जिलों व महानगरों में निर्वाचित शाखा प्रतिनिधि अपने-अपने जिला या महानगर संघचालक का चुनाव करते हैं। फिर विभाग और प्रांत संघचालक का चुनाव होता है। उसके साथ ही सरकार्यवाह के चुनाव के लिए 40 शाखा प्रतिनिधि पर एक केंद्रीय प्रतिनिधि चुने जाते हैं। यानी 2000 स्वयंसेवकों पर एक केंद्रीय प्रतिनिधि चुने जाते हैं। सभी प्रांतों से इनकी संख्या स्वयंसेवक मतदाताओं की संख्या के आधार पर होती है।