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29-Apr-2023 02:38 PM
By First Bihar
PATNA: पटना के कदमकुआं थाना इलाका के काजीपुर इलाके में बीते 26 अप्रैल को एक ढाई महीने की बच्ची आंशी की हत्या कर लाश को डालडा के डिब्बे में बंदकर घर के किचन में रखा गया था। मामले की छानबीन में जुटी पुलिस ने बच्ची के शव को बरामद किया तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी। फिर सवाल उठने लगा के आखिर किसने दुधमुंहे बच्ची की जान ली? डालडा के जार से बच्ची की लाश मिलने के बाद पुलिस भी हैरान रह गयी।
मामले की छानबीन तेज कर दी गयी परिवार के सभी सदस्यों से पूछताछ की गयी। बच्ची के पिता भरत यादव और मां काजल देवी को भी पूछताछ के लिए थाने पर लाया गया था। दोनों से करीब दस घंटे तक पूछताछ हुई। काजल देवी को पुलिस ने रात में छोड़ दिया वो घर चली गयी लेकिन उसके पति भरत यादव को थाने में रखा गया और पूछताछ जारी रखी गयी। बात-बात में उसकी सच्चाई निकलकर पुलिस के सामने आ गयी।
उसने खुद बताया कि उसी ने ही अपनी बिटिया की हत्या कर डालडा के डिब्बे में रखा था। भरत यादव ने बताया कि वह ठेले पर अंडा बेचकर परिवार का बड़ी मुश्किल से भरण पोषण करता था। उसकी बेटी आंशी के दिल में छेद थी। बेटी के इलाज के लिए उसने लाखों रुपये कर्ज लिये। घर में रखे सारे गहने और कीमती सामान तक इलाज के लिए बेच डाले लेकिन इतने पैसे खर्च करने के बावजूद उनकी बिटिया की बीमारी ठीक नहीं हुई।
एक दिन उसने सोचा कि कंगाल तो हो ही गये है यदि इसी तरह इलाज कराते रहे तो रोड पर आ जाएंगे। कोई उपाय नहीं सुझ रहा था लिहाजा एक दिन उसने बेटी को मारने का प्लान बनाया। बेटा और बेटी बेड पर सोए हुए थे और पत्नी बाथरुम में नहा रही थी। तभी भरत यादव ने गला दबाकर बच्ची को मार डाला और शव को डालडा के डिब्बे में बंद कर फरार हो गया।
जब पत्नी बाथरुम से निकली तो देखा की बिछावन पर बच्ची नहीं थी। जिसके बाद उसने आस पड़ोस के लोगों को इसकी सूचना दी। पति को फोन करके घर पर बुलाया। पति भरत यादव घर पहुंचा और इस तरह नाटक करने लगा कि लोग समझे कि उसे इस संबंध में कुछ भी नहीं पता है। पत्नी के कहने पर खुद भरत यादव ने ही पुलिस को बताया था कि उनकी बिटिया घर के बेड से गायब हो गयी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब घर में तलाशी ली तब किचेन में रखे डालडा के जार से बच्ची की लाश मिली। जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गयी।
भरत यादव ने पुलिस को यह भी बताया कि पहले भी उसने बच्ची के नाक में फेवी क्विक डालकर मारने की कोशिश की थी। आनन-फानन में उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया। काफी दिन तक इलाज चलने के बाद बच्ची ठीक हुई थी। भरत ने अपना जुर्म कबुला है उसना कहना था कि उसी ने बच्ची को मारा है। वह ही अपनी बेटी का कातिल है। इसमें उनकी पत्नी का कोई हाथ नहीं है। फिलहाल पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है। आस-पास के लोगों को जब पता चला कि बेटी की हत्या और किसी ने नहीं बल्कि खुद बाप ने की है तो वे भी हैरान रह गये। पूरे इलाके में इसी घटना की चर्चा हो रही है।
PATNA: पटना के कदमकुआं थाना इलाका के काजीपुर इलाके में बीते 26 अप्रैल को एक ढाई महीने की बच्ची आंशी की हत्या कर लाश को डालडा के डिब्बे में बंदकर घर के किचन में रखा गया था। मामले की छानबीन में जुटी पुलिस ने बच्ची के शव को बरामद किया तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी। फिर सवाल उठने लगा के आखिर किसने दुधमुंहे बच्ची की जान ली? डालडा के जार से बच्ची की लाश मिलने के बाद पुलिस भी हैरान रह गयी।
मामले की छानबीन तेज कर दी गयी परिवार के सभी सदस्यों से पूछताछ की गयी। बच्ची के पिता भरत यादव और मां काजल देवी को भी पूछताछ के लिए थाने पर लाया गया था। दोनों से करीब दस घंटे तक पूछताछ हुई। काजल देवी को पुलिस ने रात में छोड़ दिया वो घर चली गयी लेकिन उसके पति भरत यादव को थाने में रखा गया और पूछताछ जारी रखी गयी। बात-बात में उसकी सच्चाई निकलकर पुलिस के सामने आ गयी।
उसने खुद बताया कि उसी ने ही अपनी बिटिया की हत्या कर डालडा के डिब्बे में रखा था। भरत यादव ने बताया कि वह ठेले पर अंडा बेचकर परिवार का बड़ी मुश्किल से भरण पोषण करता था। उसकी बेटी आंशी के दिल में छेद थी। बेटी के इलाज के लिए उसने लाखों रुपये कर्ज लिये। घर में रखे सारे गहने और कीमती सामान तक इलाज के लिए बेच डाले लेकिन इतने पैसे खर्च करने के बावजूद उनकी बिटिया की बीमारी ठीक नहीं हुई।
एक दिन उसने सोचा कि कंगाल तो हो ही गये है यदि इसी तरह इलाज कराते रहे तो रोड पर आ जाएंगे। कोई उपाय नहीं सुझ रहा था लिहाजा एक दिन उसने बेटी को मारने का प्लान बनाया। बेटा और बेटी बेड पर सोए हुए थे और पत्नी बाथरुम में नहा रही थी। तभी भरत यादव ने गला दबाकर बच्ची को मार डाला और शव को डालडा के डिब्बे में बंद कर फरार हो गया।
जब पत्नी बाथरुम से निकली तो देखा की बिछावन पर बच्ची नहीं थी। जिसके बाद उसने आस पड़ोस के लोगों को इसकी सूचना दी। पति को फोन करके घर पर बुलाया। पति भरत यादव घर पहुंचा और इस तरह नाटक करने लगा कि लोग समझे कि उसे इस संबंध में कुछ भी नहीं पता है। पत्नी के कहने पर खुद भरत यादव ने ही पुलिस को बताया था कि उनकी बिटिया घर के बेड से गायब हो गयी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब घर में तलाशी ली तब किचेन में रखे डालडा के जार से बच्ची की लाश मिली। जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गयी।
भरत यादव ने पुलिस को यह भी बताया कि पहले भी उसने बच्ची के नाक में फेवी क्विक डालकर मारने की कोशिश की थी। आनन-फानन में उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया। काफी दिन तक इलाज चलने के बाद बच्ची ठीक हुई थी। भरत ने अपना जुर्म कबुला है उसना कहना था कि उसी ने बच्ची को मारा है। वह ही अपनी बेटी का कातिल है। इसमें उनकी पत्नी का कोई हाथ नहीं है। फिलहाल पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है। आस-पास के लोगों को जब पता चला कि बेटी की हत्या और किसी ने नहीं बल्कि खुद बाप ने की है तो वे भी हैरान रह गये। पूरे इलाके में इसी घटना की चर्चा हो रही है।