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11-Mar-2024 04:51 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार में अब दादा परदादा या पुश्तैनी जमीन को सीधे तौर पर बेचा नहीं जा सकता है। किसी को जमीन बेचने से पहले जमाबंदी कराना बहुत जरूरी है। बिना जमाबंदी रसीद के कोई जमीन नहीं बेच सकता। जब उक्त जमाबंदी या जमीन आपके नाम होगी तब ही आप दूसरे से इसे बेच सकते हैं अन्यथा कोई गुंजाइश नहीं है। आए दिन जमीन विवाद का मामला सामने आ रहा था जिसे देखते हुए सरकार ने बीते दिनों यह बड़ा फैसला ले लिया।
सरकार के इस फैसले से रजिस्ट्री कराने के पहुंचने वाले लोगों की संख्या काफी कम हो गयी है और सरकार को भी भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। लोगों की इस समस्या को देखते हुए जमीन की रजिस्ट्री को लेकर सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है। अब बिना एफिडेविट के बगैर जमीन की खरीद बिक्री संभव नहीं है। जमीन की रजिस्ट्री के लिए सभी डॉक्यूमेंट पर विक्रेता का हस्ताक्षर जरूरी है। ज्यादा से ज्यादा लोग अपने जमीन की रजिस्ट्री कर पाये इसके लिए 18 बिन्दूओं में एक घोषणा पत्र देना होगा। जिसका उत्तर हां या ना में देना होगा। पंजीकृत करने के लिए विक्रेता के हस्ताक्षर के तहत विभाग द्वारा जारी 18 बिंदु घोषणा को शामिल करना अनिवार्य कर दिया गया है। जिसका उत्तर हां या नहीं में दिया जाना है। बता दें कि नई जमाबंदी नियमावली के लागू होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
जमीन रजिस्ट्री के नए नियम लागू होने के बाद राजस्व में काफी गिरावट आई है। रजिस्ट्री में आ रही दिक्कतों को देखते हुए मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की। जमीन विक्रेता को शपथ पत्र देना होगा जिसमें बताना होगा कि जमाबंदी रसीद मेरे नाम पर है या संयुक्त रूप से कायम है। यदि जमाबंदी संयुक्त है तो अपने हिस्से की जमीन बेच रहे है या फिर दान कर रहे है। यदि शहरी संपत्ति का होल्डिंग टैक्स देते हों तो इसका डिटेल देना होगा। इसी तरह कुल 18 बिंदुओं को शामिल किया गया है।