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जहरीली शराबकांड पर बोले पशुपति पारस, इस नरसंहार के लिए बिहार के CM,CS,DGP हैं जिम्मेदार

17-Dec-2022 05:37 PM

By VISHWAJIT

PATNA : जहरीली शराब से छपरा में अबतक 70 से अधिक लोगों की मौत हो गयी है। इस घटना को लेकर अब बिहार में सियासत तेज हो गयी है। विपक्ष के तमाम राजनीतिक दल अब इसे लेकर नीतीश सरकार को घेरने में लगे हैं। इस मामले को लेकर सड़क से सदन तक हंगामा जारी है। इस मामले को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी का कोई भी नेता कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। खुद सीएम नीतीश इसे लेकर कह चुके हैं कि ' जो पिएगा वो मरेगा'।  इसके बाद अब इस पूरे मामले को लेकर राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी और दलित सेना ने बिहार सरकार से शराबबंदी कानून वापस लेना की मांग की है। वहीं इस घटना की जांच सेंट्रल एजेंसी से कराए जाने और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बर्खास्त करने की मांग की है। 


केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने जहरीली शराबकांड को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने इस घटना को नरसंहार तक कह दिया और इसके लिए तीन लोगों को जिम्मेदार बताया। पशुपति पारस ने कहा कि इस नरसंहार के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बिहार के चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी जिम्मेदार हैं। 


केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने केंद्र सरकार से इस मामले की जांच सेंट्रल एजेंसी से कराये जाने की मांग की। उन्होंने इसे नरसंहार करार देते हुए कहा कि तीन व्यक्ति इसके लिए दोषी हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बिहार के चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी पर मुकदमा चलाया जाए। 


उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने विधानसभा में जिस तरह का व्यवहार किया वो निंदनीय है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। जनता के द्वारा चुना गया प्रतिनिधि बिहार विधानसभा का सदस्य होता है। जिन्हें नीतीश कुमार ने तुम ताम किया और सदन से बाहर करने की बात कही। मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए उन्होंने माननीय के साथ ऐसा व्यवहार किया जो कही से उचित नहीं है। नीतीश कुमार को ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। 


वहीं राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद प्रिंस राज ने भी इस घटना को लेकर नीतीश सरकार को घेरने का काम किया। प्रिंस राज का कहना था कि शराबंदी करना चाहिए लेकिन शराबबंदी की आड़ में दलित बंदी और गरीब बंदी क्यों कर रहे हैं। शराबबंदी की आड़ में गरीबों को जेल भेजा जा रहा है। इसकी आड़ में हत्याएं हो रही है। जो गरीब विरोधी और दलित विरोधी नीति बनी है उसी के खिलाफ हमलोग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार मौत का आंकड़ा छिपा रही है। जो मरे हैं उनके बच्चों का पालन पोषण कौन करेगा? इनके बच्चों की पढ़ाई लिखाई कौन कराएगा? इस पर सरकार की कोई नजर नहीं है। सांसद प्रिस राज ने नीतीश कुमार को बर्खास्त करने की मांग की।