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12-Apr-2023 01:28 PM
By Ajit Kumar
JAHENABAD: जहानाबाद कोर्ट ने 14 लोगों को आज उम्र कैद की सजा सुनाई है। वही साक्ष्य के अभाव में 6 लोगों को रिहा किया गया है। 27 वर्ष पूर्व 4 लोगों की गोली मारकर हत्या करने और एक अन्य को घायल करने के मामले में जहानाबाद कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई पूरी की।
जहानाबाद व्यवहार न्यायालय के एडीजे 2 जावेद अहमद खान की अदालत ने प्रतिबंधित संगठन के धनंजय यादव, वृंदा यादव, सुशील कुमार, मिथिलेश यादव, विपिन यादव, राजेंद्र यादव, रामकृष्ण यादव, बैजनाथ यादव, अजय यादव, चंद्र घोष यादव, दया सिंह, उपेंद्र यादव, नरेश यादव और नागेंद्र यादव समेत सभी 14 लोगो को उम्र कैद की सजा सुनाई।
बता दें कि जहानाबाद व्यवहार न्यायालय ने धर्मदेव यादव, भगवान यादव, बालेश्वर यादव, विश्वनाथ सिंह, सत्येंद्र सिंह और रामराज यादव को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया। बता दें कि इस मामले में अरवल जिला अंतर्गत करपी थाना क्षेत्र के केयाल गांव निवासी शिवनारायण सिंह ने 30 - 40 अज्ञात प्रतिबंधित संगठन के लोगों को आरोपित करते हुए करपी थाना में कांड संख्या 68/96 दर्ज कराया था। दर्ज प्राथमिकी में सूचक ने आरोप लगाया था की गांव के ही कुछ लोग सिंचाई को लेकर आहर में पानी जमा किए थे जिसे असाढी गांव के लोग काटकर बहा दिया करते थे। जिसकी निगरानी के लिए केयाल गांव के लोगों ने निगरानी दल का गठन किया था।
8 अगस्त 1996 को निगरानी दल के भरत सिंह, मंगल सिंह, रामनिवास सिंह, नवलेश सिंह, प्रमोद कुमार, भोला सिंह कारू, कुर्मी गंगु कुर्मी समेत कई लोग खाना खाकर बांध के समीप झोपड़ी में बैठकर बातचीत कर रहे थे। तभी इसी दौरान मध्य रात्रि के करीब 30 से 40 की संख्या में हथियार से लैस आए अपराधियों ने झोपड़ी को घेर लिया और उपस्थित लोगों के साथ लाठी डंडे से मारपीट करने लगे। साथ ही गोली चलाकर भरत सिंह, मंगल सिंह, रामविलास सिंह और नॉलेश सिंह की हत्या कर दी। जबकि प्रमोद कुमार को गोली मारकर जख्मी कर दिया था। इसी मामले में सभी दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई।
JAHENABAD: जहानाबाद कोर्ट ने 14 लोगों को आज उम्र कैद की सजा सुनाई है। वही साक्ष्य के अभाव में 6 लोगों को रिहा किया गया है। 27 वर्ष पूर्व 4 लोगों की गोली मारकर हत्या करने और एक अन्य को घायल करने के मामले में जहानाबाद कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई पूरी की।
जहानाबाद व्यवहार न्यायालय के एडीजे 2 जावेद अहमद खान की अदालत ने प्रतिबंधित संगठन के धनंजय यादव, वृंदा यादव, सुशील कुमार, मिथिलेश यादव, विपिन यादव, राजेंद्र यादव, रामकृष्ण यादव, बैजनाथ यादव, अजय यादव, चंद्र घोष यादव, दया सिंह, उपेंद्र यादव, नरेश यादव और नागेंद्र यादव समेत सभी 14 लोगो को उम्र कैद की सजा सुनाई।
बता दें कि जहानाबाद व्यवहार न्यायालय ने धर्मदेव यादव, भगवान यादव, बालेश्वर यादव, विश्वनाथ सिंह, सत्येंद्र सिंह और रामराज यादव को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया। बता दें कि इस मामले में अरवल जिला अंतर्गत करपी थाना क्षेत्र के केयाल गांव निवासी शिवनारायण सिंह ने 30 - 40 अज्ञात प्रतिबंधित संगठन के लोगों को आरोपित करते हुए करपी थाना में कांड संख्या 68/96 दर्ज कराया था। दर्ज प्राथमिकी में सूचक ने आरोप लगाया था की गांव के ही कुछ लोग सिंचाई को लेकर आहर में पानी जमा किए थे जिसे असाढी गांव के लोग काटकर बहा दिया करते थे। जिसकी निगरानी के लिए केयाल गांव के लोगों ने निगरानी दल का गठन किया था।
8 अगस्त 1996 को निगरानी दल के भरत सिंह, मंगल सिंह, रामनिवास सिंह, नवलेश सिंह, प्रमोद कुमार, भोला सिंह कारू, कुर्मी गंगु कुर्मी समेत कई लोग खाना खाकर बांध के समीप झोपड़ी में बैठकर बातचीत कर रहे थे। तभी इसी दौरान मध्य रात्रि के करीब 30 से 40 की संख्या में हथियार से लैस आए अपराधियों ने झोपड़ी को घेर लिया और उपस्थित लोगों के साथ लाठी डंडे से मारपीट करने लगे। साथ ही गोली चलाकर भरत सिंह, मंगल सिंह, रामविलास सिंह और नॉलेश सिंह की हत्या कर दी। जबकि प्रमोद कुमार को गोली मारकर जख्मी कर दिया था। इसी मामले में सभी दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई।