सहरसा कोर्ट का अनोखा फैसला: फर्जी दस्तावेज मामले में आरोपी को मिली जमानत, 6 महीने मंदिर में सेवा की शर्त महाशिवरात्रि और होली से पूर्व हाई अलर्ट: डीजे पर रोक शराबबंदी पर सख्ती बिहार में सिलेंडर हादसा: भांजे की छठ्ठी में मधुबनी में मामा झुलसा, गयाजी में धमाके से 3 घर जलकर राख मोतिहारी में सूखा नशा के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, स्मैक-गांजा के साथ महिला गिरफ्तार होली को लेकर एक्शन में पुलिस, सिविल ड्रेस में शराब तस्करों के ठिकानों पर कर रही रेड, जमुई में बाप-बेटे को दबोचा बिहार में अपराधियों का तांडव: समस्तीपुर में ज्वेलरी शॉप में करोड़ों की लूट, फायरिंग करते फरार हुए अपराधी प्रेमचंद रंगशाला में ‘सरगम’ की गूंज: श्रैफिकुलम विद्या बोधि स्कूल का भव्य वार्षिक समारोह Bihar Crime News: बिहार में दिनदहाड़े 10 लाख के ज्वेलरी की चोरी, बदमाशों ने बाइक की डिक्की से उड़ाए गहने Bihar Crime News: बिहार में दिनदहाड़े 10 लाख के ज्वेलरी की चोरी, बदमाशों ने बाइक की डिक्की से उड़ाए गहने ‘प्रेग्नेंट करो और पैसे कमाओ’, बिहार में साइबर अपराधियों का हैरान करने वाला ऑफर; युवकों को भेजते थे हॉट महिलाओं की तस्वीर
12-Jul-2023 08:38 AM
By First Bihar
PATNA : जाति आधारित गणना को लेकर पटना हाई कोर्ट आज बड़ा फैसला सुना सकती है। इससे पहले इस मामले में चीफ जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच में 3 से 7 जुलाई तक दोनों पक्षों के तरफ से अपनी दलील पेश की गई थी। जिसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जिसके बाद आज यह संभावना है कि चीफ जस्टिस की बेंच इस मामले पर अपने फैसला सुना सकती है।
दरअसल, पटना हाई कोर्ट में पांच दिनों की हुई सुनवाई के दौरान तीन दिनों तक याचिकाकर्ता और दो दिन बिहार सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल पी के शाही ने दलील रखी। जिसके बाद अब लोगों की नजर आज के फैसले पर टिकी है।अबतक इस गणना में 500 करोड़ से ज्यादा खर्च हो चुका है। जबकि इसका 80% काम पूरा हो चुका है।
मालूम हो कि, राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल पी के शाही ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि, इस गणना का उद्देश्य आम नागरिकों के संबंध में आंकड़ा एकत्रित करना है। इसका उपयोग लोगों के कल्याण और उनके हितों के लिए किया जाना है। उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि हर धर्म में अलग अलग जातियां होती हैं, जो समाज का हिस्सा है। जब इनका डाटा एक साथ आएगा तो इन्हें सरकारी सुविधा देने में आसानी होगी।
आपको बताते चलें कि, बिहार सरकार अपने खर्च से जातीय गणना करवा रही थी। दो चरणों मे होने वाली जातीय गणना का पहला चरण पूरा हो गया है। लेकिन दूसरा चरण शुरू होते ही हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी थी। जिसके बाद अब आज एक बार फिर इस मामले में हाई कोर्ट अपना अहम फैसला सुनाएगी।