Bihar News: ‘सवर्ण भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन दें’, बिहार सरकार से उच्च जाति आयोग ने की सिफारिश; EWS को लेकर सख्त निर्देश Bihar News: ‘सवर्ण भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन दें’, बिहार सरकार से उच्च जाति आयोग ने की सिफारिश; EWS को लेकर सख्त निर्देश Bihar ka Mausam: बिहार में फरवरी में ही बदला मौसम का मिजाज, बढ़ते तापमान ने बढ़ाई चिंता; अगले पांच दिनों तक कैसा रहेगा वेदर? Bihar ka Mausam: बिहार में फरवरी में ही बदला मौसम का मिजाज, बढ़ते तापमान ने बढ़ाई चिंता; अगले पांच दिनों तक कैसा रहेगा वेदर? सहरसा कोर्ट का अनोखा फैसला: फर्जी दस्तावेज मामले में आरोपी को मिली जमानत, 6 महीने मंदिर में सेवा की शर्त महाशिवरात्रि और होली से पूर्व हाई अलर्ट: डीजे पर रोक शराबबंदी पर सख्ती बिहार में सिलेंडर हादसा: भांजे की छठ्ठी में मधुबनी में मामा झुलसा, गयाजी में धमाके से 3 घर जलकर राख मोतिहारी में सूखा नशा के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, स्मैक-गांजा के साथ महिला गिरफ्तार होली को लेकर एक्शन में पुलिस, सिविल ड्रेस में शराब तस्करों के ठिकानों पर कर रही रेड, जमुई में बाप-बेटे को दबोचा बिहार में अपराधियों का तांडव: समस्तीपुर में ज्वेलरी शॉप में करोड़ों की लूट, फायरिंग करते फरार हुए अपराधी
14-Aug-2023 09:02 AM
By First Bihar
DELHI : जाति आधारित गणना के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर आज यानी सोमवार को सुनवाई होनी है। इस मामले में पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अब तक जातीय जनगणना का 90% काम पूरा हो चुका है तो अगर इसमें रोक लगा दे दिया जाए तो उससे कोई अधिक फर्क नहीं पड़ने वाला है। हालांकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख आज यानी 14 अगस्त तय की थी जिसके बाद अब इस मामले की सुनवाई होनी है।
दरअसल, एक अगस्त को पटना हाईकोर्ट ने जातीय गणना को चुनौती देने वाली सभी याचिकाएं को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि सरकार चाहे तो गणना करा सकती है। इसके तुरंत बाद नीतीश सरकार ने जातीय गणना को लेकर आदेश जारी कर दिया था। सरकार ने सभी जिलों के डीएम को आदेश दिया कि हाईकोर्ट के फैसले के आलोक में जातीय गणना के बचे काम पूरा करें।
वहीं, दूसरी तरफ पटना हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ एनजीओ एक सोच एक प्रयास की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। इसमें जातीय गणना पर रोक लगाने की मांग की गई है। इससे पहले इस मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जातीय गणना का काम 80 फीसदी पूरा हो चुका है। यह काम 90 प्रतिशत भी हो जाएगा तो क्या फर्क पड़ेगा।
आपको बताते चलें कि, बिहार में जातीय गणना की शुरुआत सात जनवरी से हुई थी। प्रथम चरण का सर्वेक्षण पुरा हो चुका था। इसके बाद दूसरे फेज का काम 15 अप्रैल से शुरू किया गया था। दूसरा चरण का काम 15 मई तक चलता लेकिन, चार मई को पटना हाईकोर्ट ने इस पर अंतरिम रोक लगा दी थी। जिसके बाद इस पर रोक लगा दिया गया था लेकिन अब इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने वापस से जातीय गणना करवाने की मंजूरी दे दी है।