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05-Aug-2022 08:14 AM
PATNA : नगर निगम में हुए 8.76 करोड़ रुपये के घोटाला मामले में कार्रवाई तेज़ कर दी गई है। तत्कालीन निगम आयुक्त के. सेंथिल कुमार समेत अन्य लोगों के खिलाफ ED ने कार्रवाई शुरू कर दी है। आईएएस सेंथिल कुमार के खिलाफ मनीलॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज किया गया है। ED ने इसकी घोषणा कर दी है। IAS के. सेंथिल कुमार पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप है। बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने इनके इनके खिलाफ पहले ही केस दर्ज किया है, जिसमें उन पर आरोप है कि उन्होंने 2.60 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी बना रखी है। इसको लेकर अब ED एक्शन में आ गया है। सेंथिल कुमार के संपत्ति का खुलासा तो उसी वक्त हो गया था जब ED ने उनकी पटना और तमिलनाडु में स्थित 2.60 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली थी। ED के शिकंजे में केवल सेंथिल कुमार ही नहीं, बल्कि पटना नगर निगम के तत्कालीन अपर नगर आयुक्त वैद्यनाथ दास, सेंथिल कुमार के छोटे भाई के. अय्यप्पन और बिमल कुमार भी शामिल हैं।
दायर चार्जशीट के आधार पर ED ने मनीलॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी, जिसमें सेंथिल के संपत्ति की पोल खुली थी। बता दें, इस दौरान के. सेंथिल कुमार मुंगेर के डीएम थे। पीएमएलए के तहत जांच के दौरान यह पता चला है कि के. सेंथिल कुमार ने मुंगेर के जिलाधिकारी और पटना नगर निगम के आयुक्त के रूप में अपने कार्यकाल से ही भ्रष्ट तरीकों से संपत्ति बनाई थी।
ईडी ने जब जांच तेज़ की तो पता चला कि ठेकेदार बिमल कुमार ने कंपनियों के पक्ष में बड़ी मात्रा में भुगतान किया है। इसका सबूत भी इकठ्ठा कर लिया गया था। इसके बाद इस बात की भी चर्चा शुरू हो गई थी कि बिमल कुमार आईएएस के. सेंथिल कुमार को भली-भांति जानते थे और दोनों में अच्छा संबंध भी था। वह अपना पैसा बिमल कुमार के पास लगाते थे और जिसके लिए बिमल कुमार को बड़े सरकारी ठेके दिए गए थे. के. सेंथिल कुमार ने परिवार के सदस्यों के नाम पर ट्रस्ट भी बना रखा था।