Char Dham Yatra : चारधाम यात्रा 2026: ऑनलाइन पंजीकरण इस सप्ताह शुरू, न्यूनतम शुल्क से फर्जी रजिस्ट्रेशन पर लगाम

उत्तराखंड सरकार इस सप्ताह चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू करने जा रही है। न्यूनतम शुल्क 10 रुपये से फर्जी रजिस्ट्रेशन रोके जाएंगे। सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा के लिए हर श्रद्धालु के लिए पंजीकरण अनिवार्य।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 17 Feb 2026 03:21:42 PM IST

Char Dham Yatra : चारधाम यात्रा 2026: ऑनलाइन पंजीकरण इस सप्ताह शुरू, न्यूनतम शुल्क से फर्जी रजिस्ट्रेशन पर लगाम

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Char Dham Yatra : उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। अधिकारियों ने बताया कि यात्रा के दौरान फर्जी रजिस्ट्रेशन और अनियंत्रित भीड़ को रोकने के लिए न्यूनतम पंजीकरण शुल्क लागू करने का प्रस्ताव है।


फर्जी रजिस्ट्रेशन की समस्या

आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि फर्जी पंजीकरण के कारण वास्तविक यात्रियों को स्लॉट नहीं मिल पाते और होटल में बुकिंग होने के बावजूद वे यात्रा शुरू नहीं कर पाते। इस समस्या को रोकने के लिए एक सांकेतिक शुल्क लगाने की योजना बनाई गई है। प्रस्तावित शुल्क 10 रुपये है, जो केवल फर्जी रजिस्ट्रेशन रोकने के लिए प्रतीकात्मक है।


गढ़वाल मंडल के अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जो शुल्क का अंतिम निर्धारण करेगी। समिति की रिपोर्ट एक-दो दिन में सरकार को सौंप दी जाएगी, उसके बाद अंतिम शुल्क तय कर दिया जाएगा।


ऑनलाइन पंजीकरण इस सप्ताह

सरकार ने यह भी पुष्टि की है कि चारधाम यात्रा पंजीकरण पोर्टल इसी सप्ताह खुल सकता है। यात्रा के इच्छुक हर श्रद्धालु के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पंजीकरण शुल्क लागू होने के बावजूद यात्रियों की कुल संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। पंजीकरण प्रक्रिया से अधिकारियों को यात्रा के लिए भीड़ का सटीक अनुमान मिलेगा, जिससे होटल और परिवहन की व्यवस्थाओं का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।


लाभ: सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा

सरकार का मानना है कि इस कदम से ऋषिकेश से केदारनाथ-बद्रीनाथ तक अनियंत्रित भीड़ पर नियंत्रण रखा जा सकेगा। इससे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित होगी। प्रस्तावित न्यूनतम शुल्क का उद्देश्य केवल फर्जी रजिस्ट्रेशन रोकना है, जिससे वास्तविक श्रद्धालु आसानी से यात्रा कर सकें। अधिकारियों का कहना है कि इससे चारधाम यात्रा का अनुभव सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक होगा और स्थानीय प्रशासन पर भी दबाव कम होगा।उत्तराखंड सरकार की यह योजना चारधाम यात्रा को डिजिटल और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और यात्रा अनुभव बेहतर होगा।