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काम की खब़र: आपको भी बदलवाना है अपने आधार में DOB, तो जरुर देखे यह खब़र; बदल गए नियम

अब आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलना आसान नहीं रहा। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने इस प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। अब आधार में जन्मतिथि बदलने के लिए नया जन्म प्रमाणपत्र मान्य नहीं होगा।

काम की खब़र: आपको भी बदलवाना है अपने आधार में DOB,  तो जरुर देखे यह खब़र; बदल गए नियम
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

ADHAR UPDATE: अब आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलना आसान नहीं रहा। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने इस प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। अब आधार में जन्मतिथि बदलने के लिए नया जन्म प्रमाणपत्र मान्य नहीं होगा। आवेदक को पहले से जमा किए गए जन्म प्रमाणपत्र में ही संशोधन करवाना अनिवार्य होगा।


नए नियम का कारण

UIDAI के अनुसार, पहले लोग उम्र में बदलाव करने के लिए पुराने जन्म प्रमाणपत्र को रद्द कर नया प्रमाणपत्र बनवा लेते थे। इसके आधार पर वे आधार में जन्मतिथि बदलवा लेते थे। इस प्रक्रिया का इस्तेमाल अक्सर नौकरी, खेल प्रतियोगिता या शिक्षा में आयु सीमा का लाभ लेने के लिए किया जाता था। नए नियम लागू होने के बाद इस तरह की धोखाधड़ी की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी।


नियमों का विवरण

देशभर के आधार सेवा केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार, रोजाना होने वाले संशोधनों में लगभग 80 प्रतिशत मामले जन्मतिथि से जुड़े होते हैं। पहले यह प्रावधान था कि कोई व्यक्ति एक बार से अधिक जन्मतिथि संशोधन नहीं कर सकता और इसके लिए क्षेत्रीय कार्यालय की अनुमति जरूरी थी।


लेकिन लोग नया जन्म प्रमाणपत्र बनाकर इस नियम को दरकिनार कर देते थे। अब UIDAI ने स्पष्ट कर दिया है कि जन्म पंजीकरण संख्या वही रहनी चाहिए जो पहले प्रमाणपत्र में थी। यदि कोई अलग पंजीकरण संख्या वाला नया प्रमाणपत्र जमा करता है, तो आवेदन सीधे निरस्त कर दिया जाएगा।


क्या पड़ेगा असर

इस बदलाव का सबसे बड़ा असर युवाओं, खिलाड़ियों और नौकरी के अभ्यर्थियों पर पड़ेगा। खेल प्रतियोगिताओं में आयु वर्ग के अनुसार चयन होता है, इसलिए कई मामलों में कम उम्र दिखाने के लिए प्रमाणपत्र बदलवाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। शिक्षा क्षेत्र में भी उच्च विद्यालय या अन्य परीक्षाओं में आयु सीमा के कारण जन्मतिथि बदलवाने के प्रयास होते रहे। अब ऐसे मामलों में पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई की भी संभावना है।


अफसरों की टिप्पणी

UIDAI के महानिदेशक ने कहा कि जन्मतिथि संशोधन के नियमों में बदलाव का उद्देश्य आधार डेटाबेस की शुद्धता बनाए रखना और फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदक को केवल पहले जमा किए गए प्रमाणपत्र में संशोधन कराना होगा। किसी नए प्रमाणपत्र को स्वीकार नहीं किया जाएगा। नए निर्देश सभी जिला प्रशासन और आधार सेवा केंद्रों को भेज दिए गए हैं, और अधिकारियों को सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।