Train News: रेलवे ने 22 ट्रेनों के समय में किया बदलाव, तीन अमृत भारत एक्सप्रेस भी शामिल; जानिए.. नई टाइमिंग Train News: रेलवे ने 22 ट्रेनों के समय में किया बदलाव, तीन अमृत भारत एक्सप्रेस भी शामिल; जानिए.. नई टाइमिंग Bihar News: बिहार में डायल 112 की गाड़ी पेड़ से टकराई, चार पुलिसकर्मी घायल; दो की हालत गंभीर bike gang robbery : पटना से सटे इलाके में दिनदहाड़े हीरो शोरूम मालिक से 6 लाख रुपए की लूट, अपराधियों ने बाइक से पीछा कर दिया घटना को अंजाम बिहार में पुलिस वाले भी सुरक्षित नहीं: गोली लगने से पुलिसकर्मी की संदिग्ध मौत, गले के आर-पार हुई बुलेट; हत्या है या आत्महत्या? बिहार में पुलिस वाले भी सुरक्षित नहीं: गोली लगने से पुलिसकर्मी की संदिग्ध मौत, गले के आर-पार हुई बुलेट; हत्या है या आत्महत्या? इंस्टाग्राम स्टोरी बनी मौत का पैगाम: बिहार में अवैध संबंध के कारण दुकानदार की बेरहमी से हत्या, आरोपी पत्नी गिरफ्तार Six Lane Bridge : मोकामा-बेगूसराय सिक्स लेन पुल पर जल्द शुरू होगी यह सुविधा, परिवहन मंत्री ने दिया जवाब Bihar Vidhan Sabha: फुलवारी शरीफ में महिला डिग्री कॉलेज की मांग, जानिए शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में क्या दिया जवाब Bihar Vidhan Sabha: बिहार में सहायक निबंधक पद की नियुक्ति पर प्रशासनिक अड़चन जारी, 7 सालों से खाली पदों पर अभी तक नहीं आए अधिकारी
21-Feb-2020 04:45 PM
PATNA : पटना में 'शुक्रिया वशिष्ठ' की शुरुआत हो चुकी है। महान गणितज्ञ पद्मश्री वशिष्ठ नारायण सिंह की याद में इस संस्थान की शुरूआत की गयी है जिसमें प्रतिभाओं को निखारने के लिए बिहार के आईएएस और आईपीएस अधिकारी अपना योगदान देंगे। बिल्कुल सुपर-30 की तर्ज पर आर्थिक रूप से कमजोर 40 बच्चों को दो सालों तक पढ़ाई-लिखाई के साथ आवासीय सुविधा भी दी जाएगी।
आइंस्टाइन के सिद्धांत को चुनौती देने वाले महान गणितज्ञ पद्मश्री डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह के स्मृतियों को सहेजने में लगे बिहार यूथ बिल्डर एसोसिएशन के अध्यक्ष भूषण कुमार सिंह बबलू और वशिष्ठ बाबू के भतीजे मुकेश कुमार सिंह के अथक प्रयास से 'शुक्रिया वशिष्ठ की शुरुआत पटना के आशियाना मोड़ स्थित रामनगरी में हो हुई है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने संस्थान का उद्घाटन के मौके पर कहा कि पद्मश्री डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह जैसी शख्सियते कभी नहीं मरती उनके ज्ञान विज्ञान सदैव अमर रहते है हमें गर्व है कि हम ऐसी माटी मे जन्मे है जहां ऐसी विभूतियां पैदा हुई है। वहीं पटना के डीएम कुमार रवि ने कहा यह काफी बेहतर प्रयास है कि ऐसे संस्थान की शुरुआत हुई है जिसमें बिहार के 40 निर्धन सह मेधावी छात्रों को निशुल्क इंजिनियरिंग और मेडिकल की तैयारी कराई जाएगी।
'शुक्रिया वशिष्ठ' में क्लासरूम के साथ ही लाइब्रेरी की भी सुविधा दी जाएगी। बच्चों का नामांकन टेस्ट के आधार पर होगा और इसके लिए राज्य स्तरीय परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। दरअसल यह सब वशिष्ठ नारायण सिंह के परिवारवालों की उस पहल का परिणाम है, जिसकी परिकल्पना उनके जीते जी की गई थी। संस्थान की लाइब्रेरी में वशिष्ठ नारायण सिंह की लिखित किताबें, चिट्ठी, उनके संस्मरण और दुर्लभ और उपयोगी किताबें रखी गई हैं। संस्थान में नेतरहाट ओल्ड ब्वॉयज एसोसिएशन के लोग जुड़े हैं। इसके साथ ही मौजूदा आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी इसमें बच्चों को पढ़ाएंगे।