प्रेमिका से मिलने आए प्रेमी को लोगों ने बना दिया दूल्हा, सुपौल में ‘पकड़ौआ विवाह’ का वीडियो वायरल शेखपुरा में फर्जी लोन ऐप गिरोह का भंडाफोड़, साइबर पुलिस ने 5 ठगों को किया गिरफ्तार वैशाली में हेरोइन और अफीम के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, हुंडई वेन्यू कार से बड़ी खेप बरामद सुप्रीम कोर्ट के रोक के बावजूद बिहार के इस यूनिवर्सिटी ने लागू कर दिया UGC के नए नियम, विरोध के बाद कुलपति ने उठाया यह कदम सुप्रीम कोर्ट के रोक के बावजूद बिहार के इस यूनिवर्सिटी ने लागू कर दिया UGC के नए नियम, विरोध के बाद कुलपति ने उठाया यह कदम जुड़वां बेटियों के जन्म पर बहू की हत्या, पति और ससुर को उम्रकैद Bihar News: NH पर प्लाई लदे ट्रक में लगी भीषण आग, लाखों की संपत्ति का नुकसान; बाल-बाल बचा ड्राइवर Bihar News: NH पर प्लाई लदे ट्रक में लगी भीषण आग, लाखों की संपत्ति का नुकसान; बाल-बाल बचा ड्राइवर देखो-देखो गद्दार आ रहा है: संसद परिसर में राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक बिहार में तकनीकी शिक्षा को नई रफ्तार: इन तीन जिलों में बनेगा डिजिटल तारामंडल, पॉलिटेक्निक और इनक्यूबेशन सेंटर को मिली मंजूरी
13-Jan-2024 07:33 AM
By First Bihar
NEW DELHI : हिट एंड रन सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वालों और घायलों को मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पुलिस से लेकर सरकार तक को दिशा निर्देश जारी किए ताकि पीड़ित और उसके परिवार को मुआवजा मिलना सुनिश्चित हो।
दरअसल, देशभर में हिट एंड रन की बहुत अधिक दुर्घटनाएं दर्ज होने और बहुत कम संख्या में पीड़ितों को मुआवजा मिलने के आंकड़ों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि दुर्घटना के जिन मामलों में टक्कर मारकर भागने वाले वाहन का पता नहीं चलता, तो पुलिस दुर्घटना में मारे गए व्यक्ति के परिजनों को या दुर्घटना में घायल व्यक्ति को मुआवजा योजना के बारे में बताएगी और मुआवजा दावा करने की जानकारी देगी।
कोर्ट ने सरकार से भी कहा है कि, यह मुआवजा बढ़ाने पर विचार करे।यह आदेश जस्टिस अभय एस. ओका और पंकज मित्तल की पीठ ने हिट एंड रन सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को मुआवजे के बारे में उचित निर्देश मांगने वाली याचिका पर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में सरकार की योजना और सुनवाई मे मदद कर रहे न्यायमित्र वकील गौरव अग्रवाल व अन्य पक्षों के सुझाव देखने के बाद विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए।
वहीं, यह भी आदेश दिया गया है कि पुलिस पीड़ित को उस क्षेत्राधिकार में आने वाले क्लेम इन्क्वायरी आफिसर का ब्योरा, संपर्क नंबर, ईमेल आइडी और आफिस का पता भी बताएगी। कोर्ट ने पुलिस थाना इंचार्ज को आदेश दिया है कि वह एक महीने में कानूनी योजना के मुताबिक क्लेम इन्क्वायरी आफिसर को एफएआर भेजेगा। एफएआर भेजते वक्त उसमें पीड़ितया घायल का नाम बताया जाएगा और मौत के मामले में कानूनी वारिसों का नाम भी बताया जाएगा। अपने रजिस्टर में भी ब्योरा दर्ज करेगा।