Maharashtra Deputy CM : महाराष्ट्र डिप्टी CM अजीत पवार की प्लेन क्रैश में मौत, 3 और लोगों की भी जान गई; लैंडिंग के दौरान हादसा Ajit Pawar : महाराष्ट्र के डिप्टी CM जिस विमान पर थे सवार वह हुआ क्रैश, युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी.... Bihar school News : शिक्षक अब बच्चों को पढ़ाने से पहले करेंगे ‘पाठ टीका’ तैयार, जानिए क्या है पूरा नियम; मिड डे मील में भी बढ़ेगी सतर्कता NEET student death : NEET छात्रा दुष्कर्म-हत्या केस : हेडक्वार्टर ने SIT से मांगा 40 सवालों का जवाब, पीड़िता के परिजनों से क्यों हो रही पूछताछ ? इसका भी मिला आंसर Bihar police controversy : दरभंगा में गालीबाज SHO का मनमौजी ! महिला डॉक्टर से बदसलूकी और गाली -गलौज का वीडियो वायरल; ड्राइवर से किया बदतमीजी Bihar news : NEET छात्रा दुष्कर्म-हत्या केस : डीएनए जांच से खुलेगा राज, 40 लोगों के नमूने लिये गए; इस दिन तक रिपोर्ट आने की संभावना Bihar Job News : बिहार में आठवीं पास को मिलेगा कंडक्टर लाइसेंस, परिवहन विभाग का बड़ा आदेश लागू Bihar weather news : पश्चिमी विक्षोभ का असर: बिहार में ठंड बरकरार, 28 जनवरी को बारिश का अलर्ट छपरा में अपराधी बेलगाम: CSP की शाखा से 1.24 लाख रुपये की लूट, एक गिरफ्तार विजय सिन्हा की मुलाकात के बाद मीडिया के सामने आईं नीट छात्रा की मां, बोलीं..रौशनी मेरी बेटी बनी थी और मुझे मां कहा था
29-Jun-2020 11:21 AM
DELHI : 15 जून की रात भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच गलवान घाटी में हुई झड़प को लेकर केंद्रीय मंत्री और पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीके सिंह ने बड़ा खुलासा किया है. चीनी और भारतीय सेना के बीच हुई झड़प की असली वजह को लेकर पहली बार केंद्र सरकार के मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की है. पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीके सिंह ने कहा है कि चीन की धोखेबाजी झड़प की बड़ी वजह रही है. जनरल वीके सिंह ने बताया है कि कैसे चीन ने भारतीय सेना के साथ चालबाजी की और यह अदा हो उसे ही उल्टा पड़ गया.
केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने जो खुलासा किया है उसके मुताबिक 15 जून की शाम भारतीय कमांडिंग ऑफिसर गलवान घाटी में चीनी सेना का मुआयना करने गए थे. चीनी सेना की पोजीशन की जानकारी लेने के लिए कमांडिंग ऑफिसर ने घाटी का दौरा किया था . इसी दौरान उन्होंने चीन की सेना को अपने पोजीशन से पीछे हटा नहीं पाया. पेट्रोलिंग पॉइंट 14 के नजदीकी चीन की सेना ने कैंप लगा रखा था. दरअसल चीन की सेना ने शुरुआत में भारतीय सेना से इजाजत लेकर ही वहां तंबू लगाया था. भारतीय सेना को पीछे हटते हुए देखना चाहते हैं इसलिए तत्काल अस्थाई तौर पर वहां तंबू लगाया गया था. भारतीय सेना पीछे चली गई उसके बावजूद चीन की सेना ने अपना तंबू नहीं हटाया.
केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के मुताबिक जब भारतीय सेना के अधिकारी ने पेट्रोलिंग पॉइंट 14 के पास चीनी सेना का तंबू लगा हुआ पाया तो उन्होंने तुरंत इसे हटाने को कहा. इसी दौरान दोनों सेनाओं के बीच कहासुनी हुई, भारतीय सेना के दबाव में चीनी सैनिक जब अपना तंबू हटा रहे थे इसी दौरान उसमें आग लग गई. चीनी सेना के तंबू में आग लगने के बाद हालात बेकाबू हो गए और फिर दोनों सेनाओं के बीच झड़प शुरू हो गई. जनरल वीके सिंह की मानें तो इस झड़प में चीनी सेना के ऊपर भारतीय सेना हावी रही लेकिन चीन के सैनिकों को तत्काल बैकअप मिल गया और जिसका खामियाजा हमें 20 जवानों की शहादत से चुकाना पड़ा.
केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने एक बार फिर से चीन को लेकर पुराने विवाद पर कहा है कि 1959 में चीन के प्रधानमंत्री ने भारतीय प्रधानमंत्री को एक नक्शा दिया था यह नक्शा क्लेम लाइन को इंडिकेट करता है लेकिन जब कभी भी भारतीय सेना नहीं से जमीन पर उतारने की कोशिश की तो चीन ने उस पर अपना एतराज जताया.
DELHI : 15 जून की रात भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच गलवान घाटी में हुई झड़प को लेकर केंद्रीय मंत्री और पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीके सिंह ने बड़ा खुलासा किया है. चीनी और भारतीय सेना के बीच हुई झड़प की असली वजह को लेकर पहली बार केंद्र सरकार के मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की है. पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीके सिंह ने कहा है कि चीन की धोखेबाजी झड़प की बड़ी वजह रही है. जनरल वीके सिंह ने बताया है कि कैसे चीन ने भारतीय सेना के साथ चालबाजी की और यह अदा हो उसे ही उल्टा पड़ गया.
केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने जो खुलासा किया है उसके मुताबिक 15 जून की शाम भारतीय कमांडिंग ऑफिसर गलवान घाटी में चीनी सेना का मुआयना करने गए थे. चीनी सेना की पोजीशन की जानकारी लेने के लिए कमांडिंग ऑफिसर ने घाटी का दौरा किया था . इसी दौरान उन्होंने चीन की सेना को अपने पोजीशन से पीछे हटा नहीं पाया. पेट्रोलिंग पॉइंट 14 के नजदीकी चीन की सेना ने कैंप लगा रखा था. दरअसल चीन की सेना ने शुरुआत में भारतीय सेना से इजाजत लेकर ही वहां तंबू लगाया था. भारतीय सेना को पीछे हटते हुए देखना चाहते हैं इसलिए तत्काल अस्थाई तौर पर वहां तंबू लगाया गया था. भारतीय सेना पीछे चली गई उसके बावजूद चीन की सेना ने अपना तंबू नहीं हटाया.
केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के मुताबिक जब भारतीय सेना के अधिकारी ने पेट्रोलिंग पॉइंट 14 के पास चीनी सेना का तंबू लगा हुआ पाया तो उन्होंने तुरंत इसे हटाने को कहा. इसी दौरान दोनों सेनाओं के बीच कहासुनी हुई, भारतीय सेना के दबाव में चीनी सैनिक जब अपना तंबू हटा रहे थे इसी दौरान उसमें आग लग गई. चीनी सेना के तंबू में आग लगने के बाद हालात बेकाबू हो गए और फिर दोनों सेनाओं के बीच झड़प शुरू हो गई. जनरल वीके सिंह की मानें तो इस झड़प में चीनी सेना के ऊपर भारतीय सेना हावी रही लेकिन चीन के सैनिकों को तत्काल बैकअप मिल गया और जिसका खामियाजा हमें 20 जवानों की शहादत से चुकाना पड़ा.
केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने एक बार फिर से चीन को लेकर पुराने विवाद पर कहा है कि 1959 में चीन के प्रधानमंत्री ने भारतीय प्रधानमंत्री को एक नक्शा दिया था यह नक्शा क्लेम लाइन को इंडिकेट करता है लेकिन जब कभी भी भारतीय सेना नहीं से जमीन पर उतारने की कोशिश की तो चीन ने उस पर अपना एतराज जताया.