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04-Aug-2022 10:20 PM
PATNA : प्रवर्तन निदेशालय यानि ED ने पटना के टॉप टेन अपराधियों में शामिल रहे चंद्रमा प्रसाद सिंह उर्फ टुनटुन यादव को अवैध संपत्ति अर्जित करने के खिलाफ बने कानून यानि प्रिवेंसन ऑफ मनी लॉंड्रिंग एक्ट की धारा 19 के तहत गिरफ्तार कर लिया है. पटना के रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र के नंदलाल छपरा के बालेश्वर सिंह के बेटे चंद्रमा प्रसाद सिंह उर्फ टुनटुन यादव पर आऱोप है कि उसने अपने गैंग के सहारे कई जघन्य अपराध किए हैं. टुनटुन ने हत्या, हत्या का प्रयास, जबरन वसूली और हथियारो, गोला-बारूद का उपयोग कर बड़े पैमाने पर संपत्ति अर्जित की है. ईडी ने गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया है.
8 साल बाद कार्रवाई
दरअसल कुख्यात टुनटुन यादव द्वारा अर्जित संपत्ति को जब्त करने के लिए बिहार पुलिस ने 8 साल पहले 2014 में ही ईडी को पत्र लिखा था. इसके बाद ईडी ने अवैध संपत्ति अर्जित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बने कानून PML एक्ट 2002 के तहत जांच शुरू करने के लिए 07.01.2014 को ही मामाला दर्ज किया था. ईडी ने कहा है कि जांच के दौरान कई दस्तावेजों को जांचा परखा गया. ईडी ने टुनटुन यादव के खिलाफ दर्ज मामलों, उसके बैंक खातों, संपत्तियों की बिक्री, आयकर रिटर्न की पड़ताल की. इस दौरान संबंधित कई लोगों के बयान भी दर्ज किये गये. ईडी ने अपनी जांच में पाया कि चंद्रमा प्रसाद सिंह उर्फ टुनटुन सिंह और उसके गिरोह के दूसरे लोगों ने आपराधिक वारदातों को अंजाम देकर बडे पैमाने पर अवैध संपत्ति अर्जित की. संगठित तरीके से ये संपत्ति बनायी गयी और ये भी पाया गया कि टुनटुन यादव ने अपराध से बनायी गयी संपत्ति को व्हाइट बनाने के लिए आपस में ही इसकी खरीद बिक्री की.
चार करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता चला
ईडी के मुताबिक प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि टुनटुन यादव ने चार करोड़ चार लाख से ज्यादा की संपत्ति अर्जित की है. टुनटुन ने अपराध के जरिये और कितनी संपत्ति बनायी और उसमें दूसरे कौन लोग शामिल थे इसकी जांच अभी भी चल ही रही है. ईडी के मुताबिक टुनटुन यादव को पर्याप्त मौका दिया गया कि वह एजेंसी के सामने आकर अपनी संपत्ति के बारे में पक्ष रखे. लेकिन वह अपनी आय और संपत्ति के संबंध में कागजात पेश करने में विफल रहा. लिहाजा उसके खिलाफ मनी लॉड्रिंग एक्ट में कार्रवाई की गयी.
गिरफ्तारी के बाद ईडी ने रिमांड मांगा
ईडी के मुताबिक टुनटुन यादव को पेश होने के लिए स्पीड पोस्ट के माध्यम से कई दफे सम्मन भेजा गया लेकिन टुनटुन यादव ने इसका जवाब नहीं दिया. इससे साफ हुआ कि टुनटुन यादव ने कानून की उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया और जानबूझ कर कार्रवाई को टालना चाहा. ऐसे में ईडी ने प्रीवेंसन ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्ट की धारा 19 के तहत 3 अगस्त को टुनटुन यादव को गिरफ्तार कर लिया है. उसकी गिरफ्तारी के बाद ईडी ने उसे विशेष न्यायालय में पेश करते हुए 14 दिनों की रिमांड पर देने का आग्रह किया है. हालांकि विशेष न्यायाधीश, पटना ने आरोपी चंद्रमा प्रसाद सिंह उर्फ टुनटुन यादव को 17 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. ईडी ने कहा है कि वह विशेष कोर्ट में याचिका दा.र कर टुनटुन यादव को रिमांड पर लेने की मांग करेगी. इसकी प्रक्रिया जारी है.