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IAS Sanjiv Hans Case: ED ने संजीव की पत्नी-साले से कई घंटे तक पूछताछ की, नहीं पहुंची गुलाब यादव की पत्नी, CA से भी सवाल जवाब

IAS Sanjiv Hans Case: ED ने संजीव की पत्नी-साले से कई घंटे तक पूछताछ की, नहीं पहुंची गुलाब यादव की पत्नी, CA से भी सवाल जवाब

06-Dec-2024 08:23 PM

By FIRST BIHAR

PATNA: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में गिरफ्तार किए गए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी संजीव हंस की पत्नी मोना हंस और साले बालतेज से शुक्रवार को कई घंटे तक पूछताछ की. ईडी की टीम ने इस मामले में गिरफ्तार किये जा चुके राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व विधायक गुलाब यादव की पत्नी अंबिका यादव को भी तलब किया था. अंबिका यादव विधान पार्षद हैं. लेकिन वे पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय नहीं पहुंची. ईडी की टीम ने आज दिल्ली के एक चाटर्ड अकाउटेंट भी लंबी पूछताछ की है.


बता दें कि ईडी ने तीन दिसंबर को मोना हंस और अंबिका गुलाब यादव के साथ ही कुछ अन्य लोगों को पूछताछ का समन भेजा था और दो दिनों के अंदर ईडी कार्यालय पहुंचने का निर्देश दिया था. शुक्रवार को मोना हंस अपने भाई और संजीव हंस के साले गुरु बालतेज के साथ ईडी कार्यालय पहुंची. प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियो की टीम ने उन दोनों से लंबी पूछताछ की.


कहां से बनाई संपत्ति

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ईडी ने संजीव हंस की पत्नी मोना हंस से पूछा कि उनके पति ने अकूत संपत्ति कहां से अर्जित की. ईडी की जांच में पता चला है कि दिल्ली में संजीव हंस ने एक आलीशान बंगला दूसरे के नाम पर खरीद रखा है. उस बंगले की खरीददारी में मोना हंस ने सारी चीजें तय की थी. मोना हंस वहां अक्सर जाकर रहती भी थी. ईडी को ये भी जानकारी मिली है कि संजीव हंस की बेनामी संपत्तियों को खरीदने में मोना हंस ही सबसे सक्रिय भूमिका निभाती थी.


गुलाब यादव से कैसे हुई पार्टनरशिप

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ईडी की टीम ने मोना हंस से पूछा कि उनकी पार्टनरशिप गुलाब यादव के साथ कैसे हो गया. दरअसल ईडी को इसके दस्तावेज मिले हैं कि मोना हंस के नाम पर एक पेट्रोल पंप महाराष्ट्र के पुणे में चलाया जा रहा था. इसमें गुलाब यादव भी पार्टनर था. पूछताछ के दौरान ईडी ने यह सवाल पूछा कि आखिरकार संजीव हंस और गुलाब यादव एक-दूसरे के संपर्क में कैसे आये.


ईडी ने मोना हंस से पूछा कि काली कमाई को सफेद बनाने के खेल में संजीव हंस के मददगार औऱ कौन से लोग थे. इसमें निजी, रियल एस्टेट के लोगों के साथ ही अन्य कौन से लोग शामिल थे. संजीव हंस अपनी अवैद कमाई संपत्ति को कैसे और कहां खपाते थे. ईडी की टीम ने मोना हंस औऱ उनके भाई गुरू बालतेज की मोहाली और कसौली में खरीदी गई संपत्ति का ब्योरा भी पूछा.


बता दें कि संजीव हंस ने मोहाली में जमीन का एक बड़ा प्लॉट और कसौली में आलीशान विला खरीद रखा है. मोहाली का प्लॉट व्यावसायिक है जिसे हंस ने 90 लाख अधिक की कीमत पर पंचकूला के एक प्रॉपर्टी डीलर जतिंदर कुमार सांगरी के माध्यम से कमलकांत गुप्ता के नाम पर खरीदा गया था. ईडी की टीम ने इसके साथ ही संजीव हंस की दूसरी काली कमाई की जानकारी भी प्राप्त करने की कोशिश की.


साले से पूछा-मर्सिडीज किसने गिफ्ट की

दरअसल ईडी की टीम को खबर मिली है कि संजीव हंस के साले गुरू बालतेज को एक ठेकेदार ने मर्सिडीज कार गिफ्ट की थी. संजीव हंस ने उस ठेकेदार को अपने विभाग में काम दिया था. गुरू बालतेज से ईडी ने इस संबंध में कई सवाल किये. सूत्र बता रहे हैं कि ज्यादातर सवालों पर मोना हंस और गुरू बालतेज अपनी अनभिज्ञता जताते रहे.


18 अक्टूबर को गिरफ्तार हुए थे संजीव हंस

बता दें कि करीब चार महीने जांच और कार्रवाई के बाद प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने पिछले 18 अक्टूबर को संजीव हंस, गुलाब यादव और दो अन्य को पटना और दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया था. इन सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया था.  इसके बाद ईडी ने संजीव हंस और गुलाब यादव को रिमांड पर लेकर भी पूछताछ की थी.

ब्यूरो रिपोर्ट, फर्स्ट बिहार/ झारखंड..