बिहार में अपराधियों का तांडव जारी: इंजीनियर की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी पटना: MLA फ्लैट में बिजली के कवर तार में आग लगने से मची अफरा-तफरी, विद्युत आपूर्ति ठप सहरसा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लग्जरी कार से भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार नशे में धुत युवक ने की फायरिंग, महिला घायल, आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ा आरा–बक्सर फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा, तीन युवकों की दर्दनाक मौत, एक की हालत गंभीर बिहार कांग्रेस विधायक दल के नेता पर आज फैसला संभव, पटना में अहम बैठक छपरा में फर्जी IAS बनकर DM से मिलने पहुंचा युवक गिरफ्तार, टाउन थाने में FIR दर्ज Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी सीके अनिल ने अंचलाधिकारियों को मंत्री के सामने हड़काया, कहा..कल तक हड़ताल वापस लो, नहीं तो हो जाओगे डिसमिस
12-Oct-2023 08:13 AM
By First Bihar
BUXAR : दिल्ली से गुवाहाटी जा रही आनंद विहार कामाख्या नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस की सभी बोगियां पटरी से उतर गईं जिनमें से दो बोगी पलट गईं। हादसे में अभी तक छह लोगों की जान जा चुकी है और 100 से ज्यादा घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। आइए आपको बताते है कि बिहार में इससे पहले कब-कब हुए बड़े रेल हादसे हुए हैं और कैसे बिहार दुनिया का दूसरा सबसे बड़े रेल हादसे का केंद्र रहा है।
दरअसल, देश का ही नहीं, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल हादसा भी बिहार में ही हुआ। आज से 42 साल चार महीना पहले 6 जून, 1981 को देश की सबसे बड़ी ट्रेन दुर्घटना सहरसा-मानसी रेलखंड के धमारा घाट के पुल संख्या 51 पर हुई। नौ में से सात डिब्बे नदी में गिर गए थे। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, इस हादसे में करीब 300 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन स्थानीय लोगों की मानें तो 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। कई हफ्तों तक शवों की तलाश चलती रही, जबकि आज भी कुछ लोगों का पता नहीं चल सका।
इसके साथ ही आज से 21 साल पहले यानी 10 सितंबर, 2002 को तेज रफ्तार राजधानी एक्सप्रेस बिहार में रफीगंज के पास धावा नदी पर बने पुल पर बेपटरी हो गई थी। जिसमें 130 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों की संख्या में लोग घायल हुए थे। 20 अगस्त, 1995: फिरोजाबाद के पास पुरुषोत्तम एक्सप्रेस खड़ी कालिंदी एक्सप्रेस से टकरा गई। इस हादसे में 400 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। 26 नवंबर, 1998: जम्मू तवी सियालदह पंजाब में गोल्डन टेंपल मेल के पटरी से उतरे तीन डिब्बों से टकरा गई थी। इसमें 215 लोगों की जान गई थी। 2 अगस्त, 1999: ब्रह्मपुत्र मेल उत्तर रेलवे के कटिहार डिवीजन के गैसल स्टेशन पर खड़ी अवध असम एक्सप्रेस टकराई थी। इसमें 285 से ज्यादा लोग मारे गए थे। 2 जून 2023 : बालासोर में एक मालगाड़ी, 12841 कोरोमंडल एक्सप्रेस और 12864 बेंगलुरु-हावड़ा एसएफ एक्सप्रेस सहित तीन ट्रेनों की टक्कर हुई, जिसमें 280 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
वहीं, बक्सर राहत और बचाव कार्य जारी है। जहां हादसा हुआ है, वहां पटरियां उखड़कर इधर-उधर जा गिरी हैं। पटना, आरा और बक्सर से रेलवे की बचाव टीम के साथ ही बक्सर और आरा जिले के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। बक्सर के डीएम अंशुल अग्रवाल ने बताया कि अब तक करीब 70 घायल यात्रियों को अस्पताल पहुंचाया जा चुका है। ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू किया जा रहा है।
उधर, केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद अश्वनी चौबे का कहना है कि - फिलहाल इस घटना की क्या वजह है इसकी जांच हो रही है। इसको लेकर हमारी रेल मंत्री से बातचीत हुई है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इसकी सूचना रात में ही फोन कर दे दिया गया है। फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी है जो भी इस मामले में दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।